
मद्रास: थलपति विजय की मोस्टअवेटेड फिल्म ‘जन नायकन’ को अभी तक सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट नहीं मिला है। फिल्म 9 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है, लेकिन सर्टिफिकेट न मिलने के कारण मामला मद्रास हाईकोर्ट तक पहुँच गया है।
प्रोडक्शन हाउस केवीएन प्रोडक्शंस ने अदालत में याचिका दायर कर बोर्ड से फौरन सर्टिफिकेट जारी करने का अनुरोध किया है। मद्रास हाईकोर्ट ने 6 जनवरी को कहा कि वह याचिका पर अगली सुनवाई 7 जनवरी को करेगा।
फिल्म का बजट करीब 500 करोड़ है और इसे दिसंबर 2025 में ही सेंसर बोर्ड को सब्मिट किया गया था। बोर्ड ने कुछ सीन और डायलॉग संशोधित करने के सुझाव दिए थे, जिन्हें मेकर्स ने मान लिया। इसके बाद बोर्ड ने फिल्म को U/A सर्टिफिकेट के लिए सही पाया।
हालांकि, एक शिकायत के आधार पर फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी के पास भेज दिया गया। शिकायत में दावा किया गया कि फिल्म धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाती है। इस पर बोर्ड का कहना है कि शिकायत मिलने पर फिल्म की दोबारा जांच जरूरी है और इसे तय समय में जारी करने के लिए दबाव नहीं डाला जा सकता।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस पी.टी. आशा की बेंच ने सेंसर बोर्ड को निर्देश दिया कि शिकायत की प्रति अदालत में जमा करें। साथ ही प्रोडक्शन कंपनी से पूछा गया कि क्या रिलीज डेट 10 जनवरी तक टाली जा सकती है, जिस पर वकील ने कहा कि रिलीज पहले ही ऐलान हो चुकी है और उसे बदलना मुश्किल है।
फिल्म में विजय, पूजा हेगड़े, ममिता बैजू और अन्य कलाकार हैं। निर्देशक वी. विनोद की यह फिल्म रिलीज से सिर्फ दो दिन पहले कानूनी विवाद में फंस गई है, जिससे सिनेमाघरों में रिलीज की संभावना अनिश्चित हो गई है।
