
नई दिल्ली, 7 जनवरी 2026: नौकरी के चुनाव में सिर्फ पैकेज देखकर फैसला करना हमेशा सही नहीं होता। बेंगलुरु के टेक इंजीनियर वैभव अग्रवाल ने अपने अनुभव के आधार पर यह साबित किया है कि शहर बदलने से खर्च और जीवनशैली दोनों पर बड़ा असर पड़ता है।
वैभव ने तुलना की बेंगलुरु में 45 लाख रुपये वार्षिक सैलरी और लंदन में 1,08,000 पाउंड (करीब 1.31 करोड़ रुपये) की सैलरी की। बेंगलुरु में टैक्स कटने के बाद हर महीने करीब 2.7 लाख रुपये बचते हैं। यहां एक अच्छे 2BHK फ्लैट का किराया लगभग 50,000 रुपये है, और घर के कामों जैसे सफाई, खाना, किराना आदि के लिए अगर मदद ली जाए तो 8,000 रुपये और खर्च होंगे। वैभव के अनुसार, ऐसे लोग शहर के टॉप 1% में गिने जाते हैं और आराम से जीवन जीते हैं।
वहीं लंदन में टैक्स और नेशनल इंश्योरेंस कटने के बाद हर महीने लगभग 6100 पाउंड (करीब 7.41 लाख रुपये) बचते हैं। एक ठीक-ठाक 1BHK फ्लैट का किराया जोन 2 में लगभग 2,200 पाउंड (करीब 2.67 लाख रुपये) है। लंदन में ज्यादातर कामों को खुद करना पड़ता है और मदद मिलना महंगा या मुश्किल है। परिणामस्वरूप, भले ही पैकेज बड़ा हो, जीवनशैली उतनी आरामदायक नहीं रहती।
वैभव ने साफ कहा, “बेंगलुरु आपको लग्जरी और आराम देता है, जबकि लंदन आपको दुनियादारी का अनुभव और बेहतर करेंसी। सिर्फ पैसों को देखकर फैसला करना ग़लत है। असली मायने जीवनशैली, रोजमर्रा के खर्च और आपकी प्राथमिकताओं में हैं।”
इंटरनेट पर लोगों ने भी इस तुलना पर चर्चा की। कईयों ने कहा कि लंदन में बेहतर व्यवस्थाएं हैं, लेकिन रोजमर्रा के कामों के लिए समय और मेहनत ज्यादा लगती है। वहीं भारत में काम आउटसोर्स कर आराम पाया जा सकता है, जिससे जीवन आसान और समय बचता है।
