
भदोही: उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के खरगापुर गांव में 25 वर्षीय महिला राजकुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जहां एक ओर ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है, वहीं मायके पक्ष ने गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाया है। इस घटना के बाद से पूरे गांव में शोक की लहर है और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
राजकुमारी की संदिग्ध मौत
राजकुमारी, जो गोपीगंज कोतवाली क्षेत्र के पूरे दीवान गांव के राम कैलाश बिंद की बेटी थी, की शादी भदोही के खरगापुर गांव निवासी विकास बिंद से हुई थी। शादी के बाद वह ससुराल में ही रह रही थी। जानकारी के अनुसार, राजकुमारी प्रयागराज के भीटी क्षेत्र स्थित एक विद्यालय में झाड़ू-पोछा लगाने का काम करती थी, और उसी की कमाई से घर का खर्च चलता था। वहीं, पति विकास बिंद कोई स्थायी काम नहीं करता था।
सोमवार शाम, जब राजकुमारी घर से बाहर नहीं आई तो परिजनों ने कमरे में जाकर देखा, जहां वह मृत अवस्था में पड़ी थी। इस पर ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया, जबकि मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया।
मायके पक्ष का आरोप
मायके पक्ष का कहना है कि राजकुमारी को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था और उसकी हत्या साजिश के तहत की गई है। घटना की जानकारी मिलते ही मायके के लोग मौके पर पहुंचे और गला दबाकर हत्या किए जाने का आरोप लगाया।
पुलिस जांच जारी
घटना की सूचना मिलने पर कोइरौना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रभारी निरीक्षक राम नगीना यादव ने स्थानीय लोगों से पूछताछ की और स्थिति को नियंत्रित किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी पक्ष से लिखित तहरीर नहीं मिली है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा।
घरेलू विवाद और महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल
मृतका के मायके और ससुराल दोनों जगह मातम पसरा हुआ है। मृतका के दो छोटे बच्चे अब अपनी मां के साये से वंचित हो गए हैं, और इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में महिलाओं की सुरक्षा और घरेलू हिंसा के सवालों को फिर से तूल दे दिया है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष: इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि घरेलू विवादों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए समाज और सरकार को कितनी और अधिक सजगता से काम करने की आवश्यकता है।