Saturday, January 31

प्रयागराज माघ मेला: आज से शुरू हुई पंचकोशी परिक्रमा, साधु-संत करेंगे पौराणिक मंदिरों में दर्शन-पूजन

 

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प्रयागराज। माघ मेला 2026 के अंतर्गत आस्था और परंपरा की प्रतीक पंचकोशी परिक्रमा का शुभारंभ सोमवार से हो गया। प्रयागराज मेला प्राधिकरण, श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस परिक्रमा में देशभर से आए साधु-संत और श्रद्धालु प्रयागराज के प्रमुख पौराणिक तीर्थस्थलों में दर्शन-पूजन करेंगे।

 

परिक्रमा की तैयारियों को लेकर रविवार को जूना अखाड़ा के महामंत्री हरि गिरि महाराज की अध्यक्षता में संत-महात्माओं और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक हुई। संगम क्षेत्र से प्रारंभ होने वाली इस पंचकोशी यात्रा में पांच दिनों तक धार्मिक अनुष्ठान और तीर्थ दर्शन का क्रम निर्धारित किया गया है।

 

पहले दिन प्रमुख तीर्थों में दर्शन

 

सोमवार को संगम स्नान के बाद साधु-संत अक्षयवट, लेटे हुए हनुमान जी, दत्तात्रेय मंदिर (जूना अखाड़ा), सरस्वती कूप, रामघाट, मौजिगिरि समाधि, सिद्धपीठ मां ललिता देवी, मां कल्याणी देवी और वनखंडी महादेव सहित कई प्रमुख स्थलों में दर्शन-पूजन करेंगे।

 

पांच दिनों का विस्तृत कार्यक्रम

 

मंगलवार को अरैल क्षेत्र के शूलटंकेश्वर महादेव, आदि माधव, चक्र माधव, सोमेश्वर महादेव, छिवकी के गदा माधव और ग्राम महेवा स्थित भैरव बाबा के दर्शन होंगे।

बुधवार को लालापुर के मनकामेश्वर महादेव, बीकर के पद्म माधव, देवरिया के सुजावन देव मंदिर, पनासा क्षेत्र के पराशर ऋषि आश्रम, वाल्मीकि आश्रम और ज्वाला देवी के दर्शन कार्यक्रम में शामिल हैं।

गुरुवार को शंख माधव, ककरा दुबावल स्थित दुर्वासा ऋषि आश्रम, रामपुर के संकट हरण हनुमान, पाण्डेश्वर महादेव, सीताकुंड, निषादराज स्थली, नागवासुकी, वेणी माधव और अलोपी शंकर माता के दर्शन कराए जाएंगे।

शुक्रवार को संगम स्नान के पश्चात जूना अखाड़ा स्थित श्रीराम जानकी मंदिर में पूजन-अर्चन और भंडारे के साथ पंचकोशी परिक्रमा का समापन होगा।

 

बैठक में मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, जिलाधिकारी मनीष वर्मा, एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजयपाल शर्मा, मेला अधिकारी ऋषिराज, मेला पुलिस अधिकारी नीरज पांडेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

दंडी संन्यासियों का विधिवत पूजन

 

हरियाणा के चरखी दादरी आश्रम में जूना अखाड़ा के संरक्षक हरि गिरि महाराज ने विधि-विधान से दंडी संन्यासियों का पूजन कर उन्हें पंचकोशी यात्रा के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर दंडी संन्यासी परिषद के अध्यक्ष ब्रह्माश्रम महाराज, जूना अखाड़ा के सभापति मोहन भारती और प्रेम गिरि मौजूद रहे।

 

लोक आस्था और जन विश्वास का महोत्सव

 

माघ मेले के अवसर पर उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित ‘चलो मन गंगा-यमुना तीर’ कार्यक्रम के तहत ‘शब्द-ब्रह्म’ संगोष्ठी में वक्ताओं ने माघ मेले को लोक आस्था और जन विश्वास का महोत्सव बताया। डॉ. धनंजय चोपड़ा ने कहा कि माघ मेले से जुड़ी कथाएं जीवन में ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करती हैं। कवि डॉ. श्लेष गौतम ने इसे भारतीय संस्कृति और परंपरा का जीवंत प्रतीक बताया।

 

प्रो. राजेंद्र त्रिपाठी ने तीर्थराज प्रयाग के पौराणिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए ब्रह्मपुराण और स्कंदपुराण के संदर्भ प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि ब्रह्मा द्वारा यहां यज्ञ संपन्न किए जाने के कारण ही इस स्थल को प्रयाग की संज्ञा मिली।

 

सांस्कृतिक संध्या में लोकगीतों की गूंज

 

कला संगम सांस्कृतिक पंडाल में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में देवी गीतों और लोकनृत्य की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने ‘चलो री गुइंया, गंगा नहाये लें’ जैसे लोकगीत प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस अवसर पर मेयर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी और अपर निदेशक संस्कृति डॉ. सृष्टि धवन भी उपस्थित रहीं।

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