Tuesday, January 6

अभिनेता विजय की रैली में ‘लेडी सिंघम’ का डंका, आईपीएस ईशा सिंह का दिल्ली तबादला

 

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चेन्नई/पुडुचेरी: पुडुचेरी में पिछले महीने अभिनेता विजय की रैली के दौरान टीवीके (टीएमके) नेता से भिड़ने वाली तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी ईशा सिंह का अब दिल्ली ट्रांसफर कर दिया गया है।

 

30 वर्षीय ईशा सिंह 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं और एजीयूएमटी कैडर से ताल्लुक रखती हैं। वह देश की जानी-मानी वकील आभा सिंह की बेटी हैं। अपने करियर के शुरुआती वर्षों में ही ईशा सिंह ने कई मामलों में कड़े और न्यायप्रिय फैसले लिए, जिसके चलते उन्हें सोशल मीडिया पर ‘लेडी सिंघम’ और ‘रियल लेडी सिंघम’ जैसे नाम मिले।

 

पुडुचेरी में हुई घटना 9 दिसंबर की है, जब रैली के दौरान ईशा सिंह ने टीवीके के जनरल सेक्रेटरी बुस्सी आनंद का भाषण बीच में रोककर माइक छीन लिया और भीड़ जुटाने की अपील करते हुए सख्त कदम उठाया। इस रैली का आयोजन उप्पलम पोर्ट ग्राउंड में हुआ था, जिसकी क्षमता लगभग 5 हजार लोगों की थी।

 

ईशा सिंह का परिवार कानून और पुलिसिंग के क्षेत्र में जाना जाता है। उनके पिता योगेश प्रताप सिंह 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी रह चुके हैं और उनकी मां आभा सिंह एक प्रतिष्ठित वकील हैं। ईशा ने नेशनल लॉ स्कूल, बेंगलुरु से कानून की पढ़ाई पूरी की और कॉर्पोरेट करियर को ठुकराकर मानवाधिकार और जनहित के मामलों को चुना।

 

उनके प्रशासनिक करियर की प्रमुख उपलब्धियों में अक्टूबर 2023 में गृह मंत्री अमित शाह के हाथों कानून के क्षेत्र में सम्मानित होना भी शामिल है। इसके अलावा, मुंबई में सेप्टिक टैंक साफ करते समय मारे गए तीन मैनुअल स्कैवेंजर्स की विधवाओं को 10 लाख रुपये दिलवाने जैसी मानवीय पहल भी उनके नाम दर्ज है।

 

ईशा सिंह की सख्त, न्यायप्रिय और कड़े तेवर वाली छवि उन्हें भारतीय पुलिस सेवा में एक अलग पहचान देती है। दिल्ली ट्रांसफर के बाद वह एक बार फिर सुर्खियों में हैं और उनके फैसलों पर सभी की निगाहें रहेंगी।

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