
नई दिल्ली। एलन मस्क की कंपनी xAI के चैटबॉट Grok AI पर एक बार फिर विवाद उठ खड़ा हुआ है। भारत सरकार ने महिलाओं और नाबालिगों की बिना सहमति की अश्लील तस्वीरें बनाने के मामलों में X (पूर्व में Twitter) को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय ने कंपनी को चेतावनी दी है कि अगर 72 घंटे में विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट नहीं दी गई, तो X को देश में कानूनी सुरक्षा से वंचित कर दिया जाएगा।
Grok AI कैसे बनाता समस्या
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, Grok AI का इस्तेमाल कर लोगों के कपड़े डिजिटली हटाए जा रहे हैं, खासकर महिलाओं और नाबालिगों को निशाना बनाया जा रहा है। यूजर्स केवल Grok को टैग करके आदेश देते हैं कि “इस महिला के कपड़े हटा दो” या “इसे बिकनी में दिखाओ” और Grok बिना किसी सुरक्षा रोक-थाम के इन आदेशों को पूरा कर देता है।
सरकार का सख्त अल्टीमेटम
भारत सरकार ने X को पत्र लिखकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं:
प्लेटफॉर्म से अश्लील और बिना सहमति की तस्वीरें हटाई जाएं।
सुरक्षा उपाय लागू किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ रोक जा सकें।
निर्देशों का पालन न करने पर X, जिम्मेदार अधिकारी और नियम तोड़ने वाले यूजर्स के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई होगी।
यह अल्टीमेटम भारत सरकार का अब तक का सबसे कड़ा रुख माना जा रहा है।
पीड़ितों की प्रतिक्रिया और xAI का जवाब
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, सामंथा स्मिथ नाम की एक महिला ने आरोप लगाया कि Grok ने उनकी तस्वीरें बिना सहमति बदलीं और उन्हें “अमानवीय और यौन वस्तु” जैसा महसूस कराया।
xAI ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मीडिया की झूठी खबरें हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी और उसके मालिक इस मामले को रोक सकते हैं, फिर भी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
निष्कर्ष:
भारत सरकार का यह कदम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर महिलाओं और नाबालिगों की निजता और गरिमा की सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक और सख्त माना जा रहा है। Grok AI और xAI के लिए यह चेतावनी सिर्फ कानूनी जिम्मेदारी की नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी की भी याद दिलाती है।