
नई दिल्ली: नया साल शुरू हो चुका है और निवेशकों की नजर सही निवेश विकल्प पर टिकी है। चाहे आप शेयर मार्केट में हाथ आजमाएं, प्रॉपर्टी खरीदें या सोना-चांदी में निवेश करें—हर विकल्प में फायदा और जोखिम दोनों हैं। आइए जानते हैं साल 2026 में निवेश के मुख्य ऑप्शन और एक्सपर्ट की राय।
शेयर मार्केट:
साल 2025 में शेयर मार्केट का प्रदर्शन औसत रहा। सेंसेक्स और निफ्टी ने 8-10% रिटर्न दिया।
डिफेंस, मेटल और बैंक स्टॉक्स में तेजी की उम्मीद है।
आईटी स्टॉक्स और कुछ अन्य में गिरावट देखने को मिली।
रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे बड़े शेयर ने 25% से अधिक उछाल मारा।
सलाह: उन सेक्टर्स में निवेश करें, जिनमें वृद्धि की संभावना अधिक है।
प्रॉपर्टी:
छह साल में मुंबई, बेंगलुरु, एनसीआर और पुणे में प्रॉपर्टी की कीमत 97-115% बढ़ गई।
साल 2026 में कीमतें स्थिर रहने की संभावना।
आरबीआई के रेपो रेट में कटौती से होम लोन सस्ता होगा।
निवेश के लिए तेजी वाले इलाके जैसे ग्रेटर नोएडा, नवी मुंबई उपयुक्त।
सोना और चांदी:
साल 2025 में सोने में 70%, चांदी में 170% तक तेजी।
साल के अंत में हल्की गिरावट आई, लेकिन एक्सपर्ट अभी भी बढ़त की उम्मीद कर रहे हैं।
भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक बाजार और औद्योगिक मांग इनकी कीमतों को बनाए रख सकती हैं।
म्यूचुअल फंड:
भारत का म्यूचुअल फंड उद्योग मजबूत स्थिति में।
कुल AUM 80 लाख करोड़ रुपये पार, 19% की वृद्धि।
SIP के जरिए हर महीने लगभग 29,000 करोड़ रुपये निवेश।
साल 2026 में पैसिव फंड की वृद्धि सक्रिय फंड की तुलना में बेहतर रहने की उम्मीद।
क्रिप्टोकरेंसी:
साल 2025 में बिटकॉइन 6% से अधिक गिरा, वर्तमान में कीमत लगभग 90,000 डॉलर।
कुछ छोटी क्रिप्टो ने अल्पकालिक अच्छा रिटर्न दिया।
निवेश करते समय सतर्क रहें।
फिक्स्ड रिटर्न (FD) और छोटी सेविंग्स स्कीम:
FD में ब्याज दरें थोड़ी घट गई हैं, लेकिन अभी भी सुरक्षित विकल्प।
छोटी बचत योजनाओं जैसे सुकन्या समृद्धि योजना, PPF, SCSS, NSC, KVP में आकर्षक रिटर्न।
ब्याज दरें मार्च तिमाही तक स्थिर।
| योजना | ब्याज दर (%) |
| ——————— | ———— |
| सुकन्या समृद्धि (SSY) | 8.2 |
| PPF | 7.1 |
| SCSS | 8.2 |
| NSC | 7.7 |
| KVP | 7.5 |
इमरजेंसी फंड:
निवेश से पहले इमरजेंसी फंड जरूर बनाएं।
संकट के समय तुरंत उपलब्ध धन।
एक्सपर्ट सुझाव: महीने के खर्च का कम से कम 6 गुना।
निष्कर्ष:
साल 2026 में निवेश करते समय सोच-समझकर, विविध पोर्टफोलियो और जोखिम प्रबंधन पर ध्यान दें। शेयर, प्रॉपर्टी, सोना-चांदी और फिक्स्ड इन्वेस्टमेंट—सभी में सही संतुलन बनाना जरूरी है।