Friday, January 2

आजमगढ़ में गैंगस्टर एक्ट के तहत 31 अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई, हत्या, लूट, दुष्कर्म और तस्करी में शामिल थे अपराधी

 

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आजमगढ़ (2 जनवरी 2026) – आजमगढ़ जिला प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 31 शातिर अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई उन अपराधियों के खिलाफ की गई है, जो हत्या, लूट, दुष्कर्म, गोवध और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे संगीन मामलों में शामिल थे। जिले में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

 

आजमगढ़ के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया। प्रशासन ने अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट का सहारा लिया, जिससे इन अपराधियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।

 

मुख्य रूप से, सदर थाना क्षेत्र में 7 वर्षीय बालक साजेब के अपहरण और हत्या के मामले में गैंग लीडर शैलेंद्र कुमार निगम उर्फ मंटू और उसके पांच साथियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसी तरह, कोतवाली थाना क्षेत्र में चोरी के मामलों में वांछित गैंग लीडर विशाल चौहान और उसके चार साथियों पर भी गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। फूलपुर थाना क्षेत्र में गोवध के मामले में गैंग लीडर अब्दुला और उसके एक सहयोगी पर भी कार्रवाई हुई।

 

सदर क्षेत्र में इस कार्रवाई का असर सबसे अधिक देखा गया, जहां पांच थानों में गैंग लीडरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इन मामलों में हेशाम, धर्मेंद्र यादव उर्फ छोटई और आदित्य उर्फ पिलुआ जैसे अपराधियों पर कार्रवाई की गई है, जो हत्या, लूट और दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराधों में शामिल थे।

 

इसके अतिरिक्त, मुबारकपुर, फरीदपुर, जहानगंज और कप्तानगंज थाना क्षेत्रों में भी गैंगस्टर एक्ट के तहत कई अपराधियों पर कार्रवाई की गई। इन अपराधियों में उमेश साहनी, मो० हामिद उर्फ सद्दाम और पंकज गुप्ता जैसे अपराधी शामिल हैं, जो नशीले पदार्थों की तस्करी, हत्या और चोरी के मामलों में लिप्त थे।

 

आजमगढ़ के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई जिले को अपराध मुक्त बनाने के उद्देश्य से की गई है। उनका कहना था, “यह कड़ी कार्रवाई उन अपराधियों के लिए एक चेतावनी है जो अपराध की दुनिया में सक्रिय हैं या सक्रिय होने की सोच रहे हैं। इस तरह की कार्रवाई से आम जनता को सुरक्षा का एहसास होगा और जिले में शांति और व्यवस्था बनी रहेगी।”

 

प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से यह संदेश दिया गया है कि आजमगढ़ में अपराधियों के लिए कोई स्थान नहीं है। यह कदम कानून व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों में भय पैदा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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