
नई दिल्ली: महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर की बेटी सारा तेंदुलकर हाल ही में सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का शिकार हुईं। विवाद तब शुरू हुआ जब गोवा में उनके दोस्तों के साथ मस्ती करते हुए एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें सारा के हाथ में मौजूद बोतल को कुछ यूजर्स ने बीयर की बोतल मान लिया। बिना किसी पुष्टि के लोगों ने आपत्तिजनक टिप्पणियां करना शुरू कर दी और इस मामले में सारा के पिता सचिन तेंदुलकर का नाम भी घसीटा।
सोशल मीडिया पर बहस और समर्थन
हालांकि, सोशल मीडिया का एक बड़ा हिस्सा सारा के समर्थन में खड़ा हुआ। कई यूजर्स ने ट्रोल करने वालों की मानसिकता पर सवाल उठाए और कहा कि किसी के हाथ में बोतल देखकर उसे शराब मान लेना और उस पर निजी हमले करना गलत है। समर्थकों ने यह भी जोर दिया कि एक वयस्क महिला के रूप में सारा के अपने जीवन और निर्णय लेने का पूरा अधिकार है, और उनके पिता की छवि को उनके निजी विकल्पों से जोड़ना अनुचित है।
सारा ने हमेशा से अपने पिता की छाया से बाहर निकलकर अपनी अलग पहचान बनाने पर जोर दिया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने कभी भी क्रिकेट को करियर के रूप में अपनाने पर विचार नहीं किया। उनके भाई अर्जुन तेंदुलकर घरेलू स्तर पर क्रिकेट खेल रहे हैं, जबकि 27 वर्षीय सारा ने स्पष्ट किया कि क्रिकेट हमेशा उनके भाई का क्षेत्र रहा है।
फिटनेस के क्षेत्र में नई शुरुआत
पेशेवर मोर्चे पर सारा ने मुंबई के अंधेरी में Pilates Academy X Sara Tendulkar लॉन्च करके भारत के फिटनेस उद्योग में अपना पहला बड़ा कदम रखा है। अगस्त 2025 में शुरू हुआ यह स्टूडियो दुबई की लोकप्रिय फ्रेंचाइजी की शाखा है। सारा का मानना है कि फिटनेस केवल वर्कआउट या डाइट तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन में संतुलन बनाने के बारे में है।
ट्रोलिंग के बावजूद, सारा का उद्यमी अवतार और उनकी स्पष्ट विचारधारा यह दर्शाती है कि वह अपने मेहनत और प्रतिभा के दम पर सफलता की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार हैं।