
नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस. जयशंकर बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में शामिल होने बुधवार को ढाका पहुंचे। उनका स्वागत हवाई अड्डे पर भारत के उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने किया।
जयशंकर ने अंतिम संस्कार में बीएनपी के नेता और खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान से मुलाकात की, लेकिन बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद युनूस से कोई बैठक नहीं हुई। इस कदम को लेकर कई कयास लगाए जा रहे हैं।
विदेश नीति विशेषज्ञों का कहना है कि युनूस से मुलाकात नहीं करने के पीछे भारत का सतर्क और संतुलित रुख है। युनूस पर आरोप हैं कि उन्होंने अल्पसंख्यक समुदायों को न्याय दिलाने में विफल रहे हैं। ऐसे में भारत ने इस रुख से परोक्ष रूप से संदेश दिया कि वह स्थिर और लोकतांत्रिक गठबंधन को महत्व देता है।
विश्लेषकों के अनुसार, जयशंकर की बीएनपी के तारिक रहमान से मुलाकात इस बात का संकेत है कि भारत पड़ोसी देश में संभावित स्थिर और कम “भारत विरोधी” नेतृत्व को देख रहा है। विदेश मंत्री का यह दौरा केवल अंतिम संस्कार में शामिल होने तक सीमित नहीं था, बल्कि यह संदेश देने और सतर्क कूटनीति का हिस्सा भी था।
इस तरह भारत ने राजनीतिक गठबंधन की बजाय नीति की निरंतरता और क्षेत्रीय स्थिरता को प्राथमिकता दी, जिससे पड़ोस में अपने रणनीतिक हित सुरक्षित रह सकें।