
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गज सितारे विराट कोहली और रोहित शर्मा के विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने से इस घरेलू टूर्नामेंट में नई ऊर्जा और उत्साह देखने को मिला। दिल्ली की ओर से विराट और मुंबई की ओर से रोहित की मौजूदगी ने न केवल दर्शकों का रोमांच बढ़ाया, बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए सीखने का अवसर भी प्रदान किया।
सीनियर खिलाड़ियों की मैच फीस
विजय हजारे ट्रॉफी में खिलाड़ियों की मैच फीस उनके अनुभव और खेले गए लिस्ट-ए मैचों की संख्या पर निर्भर करती है। बीसीसीआई ने तीन श्रेणियां निर्धारित की हैं:
सीनियर कैटेगरी (40+ मैच): 60,000 रुपये प्रति मैच
मिड-लेवल (21-40 मैच): 50,000 रुपये प्रति मैच
जूनियर (0-20 मैच): 40,000 रुपये प्रति मैच
रिजर्व खिलाड़ी: अपनी श्रेणी की आधी फीस
अनुभवी होने के कारण विराट और रोहित सीनियर कैटेगरी में आते हैं और उन्हें प्रति मैच 60,000 रुपये मिलते हैं। यह राशि सुनने में बड़ी लग सकती है, लेकिन आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय मैचों की फीस के मुकाबले यह काफी कम है।
अतिरिक्त कमाई और बोनस
खिलाड़ियों की कुल आय केवल मैच फीस तक सीमित नहीं है। उन्हें यात्रा, भोजन और ठहरने के दैनिक भत्ते के साथ-साथ प्रदर्शन बोनस भी मिलता है। उदाहरण के लिए, प्लेयर ऑफ द मैच बनने पर 10,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है। इसके अलावा, नॉकआउट और फाइनल तक पहुंचने वाली टीमों के पुरस्कार को खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के बीच बांटा जाता है, जिससे उनकी कुल कमाई में और इजाफा होता है।
इस तरह, विराट और रोहित का घरेलू टूर्नामेंट में खेलना केवल पैसों के लिए नहीं, बल्कि खेल की निरंतरता और घरेलू क्रिकेट को मजबूती देने के उद्देश्य से है।