
10वीं या 12वीं के बाद करियर के विकल्प तलाश रहे छात्रों के लिए पाॅलिटेक्निक और ITI कोर्स बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं। ये दोनों टेक्निकल एजुकेशन के क्षेत्र में प्रैक्टिकल स्किल्स और जल्दी नौकरी पाने का मौका देते हैं, लेकिन दोनों में काफी अंतर है।
पाॅलिटेक्निक क्या है?
पाॅलिटेक्निक डिप्लोमा लेवल का टेक्निकल कोर्स है, जो इंजीनियरिंग और एप्लाइड साइंस पर केंद्रित होता है। यह आमतौर पर 3 साल का होता है और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, टेक्निकल स्किल्स और इंडस्ट्री से जुड़ी जानकारी के लिए जाना जाता है।
ITI कोर्स क्या है?
ITI यानी इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का कोर्स स्किल-बेस्ड वोकेशनल प्रोग्राम है। यह अलग-अलग ट्रेड्स में छात्रों को प्रशिक्षित करता है। कोर्स का समय 6 महीने से 2 साल तक होता है और यह प्रैक्टिकल वर्क और जल्दी नौकरी पाने पर केंद्रित होता है।
पाॅलिटेक्निक और ITI में अंतर
पाॅलिटेक्निक: डिप्लोमा लेवल, अधिक टेक्निकल और अकादमिक फोकस।
ITI: जाॅब ओरिएंटेड, प्रैक्टिकल स्किल्स पर केंद्रित।
कौन सा कोर्स चुनें?
पाॅलिटेक्निक में छात्र सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल जैसी इंजीनियरिंग शाखाओं का डिप्लोमा कर सकते हैं।
ITI में छात्र इलेक्ट्रीशियन, फिटर, वेल्डर जैसे ट्रेड्स चुन सकते हैं।
दोनों कोर्स प्राइवेट और सरकारी नौकरियों के लिए रास्ता खोलते हैं।
योग्यता
पाॅलिटेक्निक: 10वीं या 12वीं पास, मैथ और साइंस जरूरी। एंट्रेंस एग्जाम पास करना अनिवार्य।
ITI: ट्रेड और इंस्टीट्यूट के हिसाब से 8वीं या 10वीं में अच्छे अंक होना जरूरी।
छात्रों को सलाह दी जाती है कि अपनी रुचि, योग्यता और करियर गोल को ध्यान में रखकर ही कोर्स का चयन करें।