
खरगोन। प्रतिबंधित चाइनीज मांजे की अवैध बिक्री और लापरवाह उपयोग एक बार फिर जानलेवा साबित होने के कगार पर पहुंच गया। रविवार को खलटाका पुलिस चौकी क्षेत्र अंतर्गत निमरानी ग्राम के राष्ट्रीय राजमार्ग से लगे चिचली रोड पर चाइनीज मांजे की चपेट में आकर दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। गनीमत रही कि समय रहते जान बच गई, लेकिन यह घटना प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बड़वानी जिले के ग्राम उमरदा निवासी घन्नु जायसवाल मोटरसाइकिल से ठीकरी से खलघाट की ओर जा रहे थे। जैसे ही वे चिचली फाटे के पास पहुंचे, सड़क पर लहराते चाइनीज मांजे से उनकी आंख के पास गहरा कट लग गया। अचानक हुए हादसे से वह असंतुलित हो गए। आंख के पास से खून बहने लगा, लेकिन किसी तरह वाहन संभालकर सड़क किनारे रुके।
सैलून संचालक की तत्परता से बची जान
मौके पर मौजूद हेयर सैलून संचालक मोहित सेन ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए घायल को तुरंत बाइक से डॉक्टर के पास पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार किया गया। साथ ही निमरानी में उनके परिचितों को सूचना दी गई।
इसी दौरान निमरानी निवासी गोपाल पुत्र इंदर दसौंधी भी उसी मार्ग से गुजर रहे थे। उन्हें भी उसी चाइनीज मांजे से गले पर रगड़ लगी। समय रहते उन्होंने हाथ से धागा पकड़ लिया, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर खुलेआम बिक रहा मांजा
राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे व्यस्त मार्ग पर इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। चाइनीज मांजा शासन द्वारा पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है, इसके बावजूद इसकी खुलेआम बिक्री हो रही है। स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया है कि जब प्रतिबंध लागू है तो यह मांजा बाजार तक कैसे पहुंच रहा है और इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। लोगों ने प्रशासन से अवैध बिक्री करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पतंग उड़ाने के दौरान बच्चा गंभीर घायल
इधर, खरगोन के जैतापुर क्षेत्र में भी पतंग उड़ाने के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया। रविवार दोपहर करीब 12 बजे नौ वर्षीय कार्तिक पुत्र रविंद्र मंडलोई छत पर पतंग उड़ाते समय ढलान से फिसलकर नीचे गिर गया। हादसे में उसके हाथ-पैर में चोट आई, जबकि आंख के पास सिर में गंभीर चोट लगने से आठ टांके आए हैं। घायल बालक का अस्पताल में उपचार जारी है।
लगातार हो रहे ऐसे हादसों ने चाइनीज मांजे के खतरे को एक बार फिर उजागर कर दिया है। आमजन की मांग है कि प्रशासन केवल आदेशों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीन पर सख्त कार्रवाई कर लोगों की जान की सुरक्षा सुनिश्चित करे।