
बगावत रोकने को शिवसेना के टिकट आवेदन में जोड़ा गया खास घोषणा-पत्र
ठाणे: आगामी ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन चुनाव से पहले शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) ने बागी उम्मीदवारों पर लगाम कसने के लिए नई रणनीति अपनाई है। पार्टी नेतृत्व ने नगर निगम चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों के आवेदन पत्र में एक विशेष घोषणा-पत्र (मैनिफेस्टो) जोड़ दिया है, जिसमें पार्टी अनुशासन और नेतृत्व के आदेशों को मानने की स्पष्ट प्रतिबद्धता ली जा रही है।
पार्टी मैंडेट मानना होगा अनिवार्य
शिवसेना की ओर से जारी इस आवेदन पत्र में साफ तौर पर उल्लेख किया गया है कि उम्मीदवार को पार्टी द्वारा तय किए गए आदेश और निर्णयों को स्वीकार करना होगा। यदि किसी वार्ड से पार्टी किसी अन्य उम्मीदवार को टिकट देती है, तो आवेदन करने वाला व्यक्ति उस अधिकृत उम्मीदवार को जिताने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेगा। इस घोषणा के जरिए पार्टी बगावत और निर्दलीय उम्मीदवारों की संभावनाओं को पहले ही खत्म करना चाहती है।
2022 की फूट के बाद बदली रणनीति
गौरतलब है कि वर्ष 2022 में शिवसेना में हुई बड़ी टूट के बाद पार्टी नेतृत्व अनुशासन को लेकर ज्यादा सख्त रुख अपनाए हुए है। पहले जहां वरिष्ठ नेताओं का फैसला अंतिम माना जाता था, वहीं अब औपचारिक घोषणाओं और लिखित प्रतिबद्धताओं के जरिए उम्मीदवारों को पार्टी लाइन में रखने की कोशिश की जा रही है।
आवेदन में देनी होगी विस्तृत जानकारी
पार्टी के पुराने पार्षदों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने टेंभिनाका स्थित आनंदाश्रम में आवेदन पत्र लिए। इन फॉर्मों में वार्ड की राजनीतिक स्थिति, उम्मीदवार की व्यक्तिगत जानकारी, पूर्व में किसी अन्य पार्टी से जुड़े होने का विवरण और सामाजिक कार्यों का ब्योरा मांगा गया है। साथ ही, आपराधिक मामलों से संबंधित जानकारी भी अनिवार्य रूप से दर्ज कराई जा रही है।
अनुशासन की शपथ
घोषणा-पत्र में उम्मीदवार से यह लिखित वचन लिया जा रहा है कि वह शिवसेना के सिद्धांतों, अनुशासन और पार्टी हितों के प्रति पूरी तरह समर्पित रहेगा। इस पत्र पर उम्मीदवार के हस्ताक्षर अनिवार्य किए गए हैं, जिससे भविष्य में किसी भी तरह की बगावत पर कार्रवाई की जा सके।
अन्य दल भी मैदान में सक्रिय
नगर निगम चुनाव को लेकर अन्य प्रमुख दलों ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। एनसीपी (शरद पवार गुट), बीजेपी और अन्य पार्टियों ने पहले ही आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ली है, जबकि कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों के इंटरव्यू शुरू कर दिए हैं।
राजनीतिक संकेत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना द्वारा संगठनात्मक मजबूती और चुनावी अनुशासन बनाए रखने की कोशिश है। आने वाले दिनों में यह रणनीति कितनी कारगर साबित होती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।