
दिग्गज अभिनेता संजय मिश्रा इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘दुर्लभ प्रसाद की दूसरी शादी’ को लेकर सुर्खियों में हैं। नवभारत टाइम्स से खास बातचीत में उन्होंने अपने करियर, संघर्ष, परिवार और अपनी फिल्मों के अनुभवों के बारे में खुलकर बात की।
किरदार और करियर की शुरुआत
नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से ग्रेजुएट संजय मिश्रा ने बीते 33 सालों में कॉमेडी, इमोशनल और गंभीर किरदार निभाकर दर्शकों का दिल जीता है। वे बताते हैं, “शुरुआत में मुझे केवल छोटे रोल मिले, लेकिन मैंने तय किया कि मैं अपने अभिनय को किसी एक रूप में बंधने नहीं दूंगा। यही वजह है कि मैंने हर रोल में अलग रंग दिखाया।”
‘दुर्लभ प्रसाद की दूसरी शादी’ और महिमा चौधरी
संजय मिश्रा की इस नई फिल्म में महिमा चौधरी भी हैं। संजय हंसते हुए कहते हैं, “जब मुझे बताया गया कि मेरी दूसरी शादी महिमा चौधरी से होगी, तो विश्वास नहीं हुआ। कुछ लोगों ने तो यह अफवाह सच मानकर मुझे फोन करना शुरू कर दिया, यहाँ तक कि जूते के लिए लोन लेने जैसी बातें भी हुईं।”
परिवार और बेटियों के साथ जीवन
संजय ने अपनी पत्नी किरण मिश्रा और बेटियों पल और लम्हा के साथ अपने पारिवारिक अनुभव साझा किए। वे कहते हैं, “मैं चाहता हूँ कि मेरी बेटियाँ मेरी चीजें संभालें, लेकिन मोबाइल ने बच्चों और माता-पिता के बीच दूरी पैदा कर दी है। मैं कोशिश करता हूँ कि उनके साथ दिल से समय बिताऊँ।”
शादी पर विचार और जीवन दर्शन
संजय का कहना है कि शादी केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि साथी और साथ रहने का अनुभव होना चाहिए। वे कहते हैं, “शादी करो या 15वीं, मरने से पहले मलाल न रखो। यह साथ और companionship का मतलब है।”
फिल्म में नया कॉमिक किरदार
‘दुर्लभ प्रसाद की दूसरी शादी’ में संजय का कॉमिक किरदार उनके लिए एक नई चुनौती है। वे कहते हैं, “फिल्म में मेरा रोल शीर्षक भूमिका है और मैं इसे लेकर बेहद उत्साहित हूँ।”
संजय मिश्रा की ये बातचीत उनके फैंस के लिए खास और मनोरंजक अनुभव लेकर आती है, जिसमें उनकी जिंदगी, परिवार और फिल्मों के अनुभवों की झलक साफ दिखती है।