
मुंबई।
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को भी बिकवाली का दबाव बना रहा। सप्ताह के लगातार दूसरे कारोबारी दिन बाजार में मंदड़ियों का दबदबा देखने को मिला। विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी, रुपये की कमजोरी और वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में भारी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर तक लुढ़क गया।
बीएसई सेंसेक्स 533 अंक यानी 0.63 प्रतिशत टूटकर 84,679.86 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 भी 167 अंक यानी 0.64 प्रतिशत गिरकर 25,860.10 अंक पर आ गया। बाजार की इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
बैंकिंग और आईटी शेयरों पर सबसे ज्यादा मार
सेंसेक्स के 30 में से अधिकांश शेयर लाल निशान में बंद हुए। एक्सिस बैंक, इटर्नल, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टाटा स्टील और बजाज फिनसर्व में 2 से 5 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। एक्सिस बैंक के शेयरों में करीब 5 प्रतिशत की तेज गिरावट देखने को मिली। ब्रोकरेज फर्म सिटी की ओर से दिसंबर तिमाही में नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दबाव बने रहने की चेतावनी के बाद बैंकिंग शेयरों पर खासा दबाव रहा।
फाइनेंशियल सेक्टर में 0.8 प्रतिशत और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 1.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में रहे। मिडकैप इंडेक्स 0.8 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.9 प्रतिशत फिसला।
क्यों टूटा बाजार
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर के मुताबिक, रुपये की लगातार कमजोरी, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक स्तर पर कमजोर संकेतों ने घरेलू बाजार को नीचे धकेला है। आईटी, मेटल, बैंकिंग और रियल्टी सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट रही, जबकि कंजम्पशन सेक्टर ने कुछ हद तक राहत दी। उन्होंने कहा कि मुद्रा बाजार में अस्थिरता और विदेशी निवेश को लेकर अनिश्चितता के कारण आने वाले दिनों में भी बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
वैश्विक बाजारों से भी नहीं मिली राहत
मंगलवार को वैश्विक बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली। एशियाई बाजारों में गिरावट रही, जबकि निवेशक अमेरिका के अहम आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की आगे की नीति पर नजर बनाए हुए हैं। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.8 प्रतिशत, ताइवान का बेंचमार्क इंडेक्स 0.8 प्रतिशत और हांगकांग का हैंग सेंग टेक इंडेक्स 2.7 प्रतिशत टूट गया।
क्रिप्टो बाजार में भी दबाव रहा और बिटकॉइन करीब 0.3 प्रतिशत गिरकर 86,017 डॉलर के आसपास आ गया।
सोना और कच्चा तेल भी फिसले
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में करीब 0.6 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 4,275.41 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट जारी रही। ब्रेंट क्रूड 1.5 प्रतिशत गिरकर 59.67 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.6 प्रतिशत टूटकर 55.90 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर
डॉलर के मुकाबले रुपया मंगलवार को रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। कमजोर वैश्विक संकेतों, लगातार हेजिंग की मांग और विदेशी निवेशकों की निकासी से रुपये पर दबाव बढ़ा। रुपया दिन के कारोबार में 91.0750 प्रति डॉलर तक फिसला और अंत में 91.0275 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
इस साल अब तक रुपया डॉलर के मुकाबले 6 प्रतिशत से अधिक टूट चुका है, जिससे यह 2025 में सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाली उभरती बाजार मुद्राओं में शामिल हो गया है।
कुल मिलाकर, घरेलू और वैश्विक दोनों स्तरों पर बढ़ती अनिश्चितताओं ने शेयर बाजार और मुद्रा बाजार में निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में रुपये की चाल और विदेशी निवेशकों का रुख बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।