
नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक आतंकवाद के मुद्दे पर अत्यंत सटीक और प्रभावशाली संदेश दिया। संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले और रूस के क्रोकस सिटी हॉल हमले का एक साथ उल्लेख कर न केवल आतंकवाद की वैश्विक प्रकृति को रेखांकित किया, बल्कि इशारों ही इशारों में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर भी कड़ा प्रहार किया। उनका यह बयान स्वाभाविक रूप से पाकिस्तान को असहज करने वाला साबित हुआ।
“पहलगाम हो या क्रोकस सिटी हॉल… घटनाओं की जड़ एक ही”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और रूस ने लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ी है।
उन्होंने दोहराया—
- पहलगाम में हुआ आतंकी हमला
- मॉस्को के पास क्रोकस सिटी हॉल पर कायराना हमला
“इन दोनों की जड़ एक ही है।”
उनके इस बयान का संदेश स्पष्ट था—आतंकवाद की फैक्ट्री पाकिस्तान में है और उसके खतरनाक परिणाम दुनिया पर समान रूप से असर डालते हैं।
पीएम मोदी के इस दोहरे निशाने से पाकिस्तान का तिलमिलाना स्वाभाविक है।
मजबूत वैश्विक संदेश: आतंकवाद मानवता पर सीधा हमला
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आतंकवाद मानवता के मूल्यों पर सीधा प्रहार है और इसके खिलाफ वैश्विक एकता ही सबसे बड़ा हथियार है।
उन्होंने बताया कि
- UN
- G20
- BRICS
- SCO
जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत–रूस लगातार समन्वय बढ़ा रहे हैं।
पहलगाम हमला: 26 लोगों की बर्बर हत्या, ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के जरिए भारत की सख्त कार्रवाई
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने घुसकर लोगों से धर्म पूछकर हत्या की। इस संगठित नरसंहार में 26 निर्दोष लोग मारे गए।
भारत ने इसका जवाब देते हुए पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर चलाया।
इसके बाद पाकिस्तान ने ड्रोन और गोलाबारी के जरिए भारत के धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए।
क्रोकस सिटी हॉल हमला: इस्लामिक स्टेट की जिम्मेदारी
मार्च 2024 में मॉस्को के पास क्रोकस सिटी हॉल में हुए भीषण आतंकी हमले में कई लोगों की जान गई थी।
- इस हमले की जिम्मेदारी IS-KP (इस्लामिक स्टेट – खुरासान प्रांत) ने ली थी।
- यह रूस के सबसे बड़े आतंकी हमलों में से एक माना जाता है।
पीएम मोदी द्वारा दोनों घटनाओं को एक साथ जोड़ने का अर्थ था—आतंकवाद किसी एक देश की समस्या नहीं, बल्कि साझा वैश्विक खतरा है।
35 सालों से पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का सबसे बड़ा शिकार—जम्मू-कश्मीर
भारत पिछले तीन दशकों से अधिक समय से पाकिस्तान के भेजे आतंकवाद को झेल रहा है।
- अकेले जम्मू-कश्मीर में लगभग 5000 लोगों की मौत हो चुकी है।
- पुलवामा (14 फरवरी 2019) जैसे फिदायीन हमले ने पूरे देश को हिला दिया था, जिसमें 40 जवान शहीद हुए।
भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को बेनकाब करता रहा है।
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भारत की स्पष्ट नीति: शांति के बिना बातचीत संभव नहीं
भारत का मानना है कि खूनी हिंसा और सार्थक वार्ता एक साथ नहीं चल सकती।
इसी नीति के तहत भारत ने संयुक्त राष्ट्र में कई पाकिस्तानी आतंकियों को “वैश्विक आतंकवादी” घोषित करवाया है।
पुतिन की मौजूदगी में पीएम मोदी के बयान ने वैश्विक समुदाय को एक मजबूत संदेश दिया है— आतंकवाद के खिलाफ भारत और रूस की साझेदारी अडिग है, और इसकी जड़ जहां भी हो, उसे दुनिया मिलकर खत्म करेगी।