Monday, April 6

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10 साल की उम्र में खरीदा था AI.com, 634 करोड़ में बेचकर लगी बड़ी ‘लॉटरी’
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10 साल की उम्र में खरीदा था AI.com, 634 करोड़ में बेचकर लगी बड़ी ‘लॉटरी’

कुआलालंपुर/नई दिल्ली: इंटरनेट की दुनिया में कभी-कभी साधारण निवेश असाधारण सफलता में बदल जाता है। ऐसा ही हुआ मलयेशिया के टेक आंत्रप्रेन्योर अर्सियान इस्माइल के साथ। उन्होंने मात्र 10 साल की उम्र में, साल 1993 में, AI.com डोमेन को लगभग 300 रुपये में खरीदा था। अब यह डोमेन 70 मिलियन डॉलर (लगभग 634 करोड़ रुपये) में बिक गया है। इस डोमेन को खरीदा था क्यों?अर्सियान ने AI.com इसलिए खरीदा क्योंकि AI उनके नाम Arsyan Ismail के पहले अक्षरों से मेल खाता था। उस समय यह एक दुर्लभ और क्लीन वेब एड्रेस था। हालांकि, AI टेक्नोलॉजी की दुनिया में क्रांति लाने के बाद यह डोमेन निवेश उनके जीवन का स्मार्ट और अहम फैसला साबित हुआ। अब तक की सबसे महंगी डोमेन डील अप्रैल 2025 में अर्सियान ने AI.com को Crypto.com के CEO क्रिस मार्सजेलक को बेचा। यह डील पूरी तरह क्रिप्टोकरेंसी में हुई और इसे अब तक की सबसे महंगी पब्लिकली रिप...
नकली 4K टीवी से बचें! केवल रेज़ॉल्यूशन देखना पड़ सकता है महंगा
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नकली 4K टीवी से बचें! केवल रेज़ॉल्यूशन देखना पड़ सकता है महंगा

नई दिल्ली: स्मार्ट टीवी खरीदते समय केवल डिस्प्ले रेज़ॉल्यूशन पर ध्यान देना एक बड़ी भूल हो सकती है। ऑनलाइन और ऑफलाइन बाजार में आजकल 20,000 रुपये से कम में 4K टीवी मिल रहे हैं, लेकिन इनमें अक्सर ‘नकली 4K’ होने का खतरा रहता है। फीचर्स और ऑफर्स के चकाचौंध में ग्राहक सही निर्णय नहीं ले पाते और असली 4K अनुभव से वंचित रह जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, 4K का मतलब केवल पिक्सल काउंट नहीं होता। असली 4K टीवी में रिफ्रेश रेट और MEMC (मोशन एस्टिमेशन, मोशन कंपेंसेशन) जैसी तकनीकें भी शामिल होती हैं, जो विज़ुअल्स को स्मूद और ज्वलंत बनाती हैं। सस्ते 4K टीवी में क्या दिक्कतें आती हैं? सस्ते टीवी में पिक्सल उच्च होने के बावजूद कलर्स फीके और मूवमेंट धुंधली लग सकती है। दौड़ते हुए सीन या खेल के लाइव एक्शन में फ्रेम जर्क जैसा अनुभव हो सकता है। केवल रेज़ॉल्यूशन देखकर खरीदी गई टीवी गेमिंग और फिल्मों में असली मज...
37 साल की महिला सिखा रही एंथ्रोपिक के AI को ‘सही’ और ‘गलत’ की पहचान
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37 साल की महिला सिखा रही एंथ्रोपिक के AI को ‘सही’ और ‘गलत’ की पहचान

नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से इंसान जैसी समझ विकसित कर रहा है, लेकिन इसे सही दिशा में मार्गदर्शन देने के लिए इंसानी बुद्धि की जरूरत अब भी अहम है। इसी जिम्मेदारी के तहत एंथ्रोपिक ने अपनी AI चैटबॉट Claude को नैतिक और सुरक्षित बनाना सौंपी है। इस कार्य के लिए कंपनी ने 37 साल की फ‍िलॉसफर अमांडा एस्‍केल को जिम्मेदारी दी है। अमांडा एस्‍केल, स्कॉटलैंड के एक गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने ऑक्‍सफोर्ड विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है और न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से पीएचडी पूरी की है। एंथ्रोपिक से पहले वह ओपनएआई के साथ जुड़ी थीं, जहां उन्होंने AI सुरक्षा और नीति निर्माण पर काम किया। अब उनका मुख्य कार्य Claude को यह सिखाना है कि कौन-से उत्तर सही हैं, कौन-से गलत, और चैटबॉट को सुरक्षित तरीके से यूजर्स की मदद करने लायक बनाना। अमांडा का मानना है कि AI चैटबॉट्स इंसानी तत्व को समझते हुए धीरे-धीरे...
चीनी डेवलपर का कमाल: अलीबाबा ने पेश किया AI मॉडल RynnBrain, रोबोट्स को मिलेगा अपना ‘दिमाग’
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चीनी डेवलपर का कमाल: अलीबाबा ने पेश किया AI मॉडल RynnBrain, रोबोट्स को मिलेगा अपना ‘दिमाग’

बीजिंग/नई दिल्ली: चीनी टेक्नोलॉजी दिग्गज अलीबाबा ग्रुप होल्डिंग ने रोबोटिक्स और एम्बोडाइड इंटेलिजेंस के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग लगाई है। कंपनी के रिसर्च संस्थान डैमो एकेडमी ने हाल ही में ‘RynnBrain’ नामक नया ओपन-सोर्स एम्बोडाइड इंटेलिजेंस मॉडल पेश किया है। यह मॉडल Qwen3-VL पर आधारित है और इसे विशेष रूप से रोबोट्स को भौतिक दुनिया में समझने, तर्क करने और जटिल कार्यों को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है। RynnBrain को बाकी मॉडल्स से अलग बनाती है इसकी स्पेशल रीजनिंग क्षमता, जो रोबोट्स को केवल प्रोग्राम किए गए रूटीन पर निर्भर रहने से बाहर निकालकर उन्हें “दिमाग से सोचने” लायक बनाती है। इसका मतलब है कि रोबोट अब अपने निर्णय स्वयं ले पाएंगे और वास्तविक दुनिया की जटिल परिस्थितियों में काम कर सकेंगे। अलीबाबा का कहना है कि RynnBrain केवल ऑब्जर्वेशन तक सीमित नहीं है। यह फिजिकल वातावरण में स्थिति क...
भविष्य की सबसे पावरफुल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज होगी “इंग्लिश”: NVIDIA के सीईओ ने किया दावा
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भविष्य की सबसे पावरफुल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज होगी “इंग्लिश”: NVIDIA के सीईओ ने किया दावा

नई दिल्ली: दुनिया की प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनी एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग ने कहा है कि भविष्य में मशीनों के साथ संवाद करने के लिए सबसे प्रभावशाली प्रोग्रामिंग लैंग्वेज “इंग्लिश” होगी। उनका मानना है कि कोडर की भूमिका धीरे-धीरे आउटडेटेड होती जा रही है और आने वाले समय में कंप्यूटर को निर्देश देने के लिए कोड लिखने की जरूरत नहीं होगी। जेन्सेन हुआंग इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में हिस्सा लेने भारत आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में यूजर्स सीधे सिस्टम को बताएंगे कि उन्हें क्या चाहिए। सही परिणाम न मिलने पर डीबगिंग की बजाय सिस्टम को निर्देश देकर समस्या का समाधान किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा, “भविष्य की सबसे शक्तिशाली प्रोग्रामिंग लैंग्वेज इंग्लिश ही होगी।” सीईओ के अनुसार, आज की तरह भविष्य में भी मशीनों को अपनी जरूरत बताने से ही आप डेवलपर की भूमिका निभाएंगे। यदि आप स्पष्ट रूप से मशीन स...
भविष्य की सबसे पावरफुल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज होगी ‘इंग्लिश’, एनवीडिया के सीईओ ने बताया कारण
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भविष्य की सबसे पावरफुल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज होगी ‘इंग्लिश’, एनवीडिया के सीईओ ने बताया कारण

नई दिल्ली: दुनिया की प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनी एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग का कहना है कि भविष्य में मशीनों से कम्यूनिकेट करने के लिए सबसे प्रभावशाली प्रोग्रामिंग लैंग्वेज इंग्लिश होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब पारंपरिक कोडिंग की जरूरत धीरे-धीरे कम होती जाएगी और लोग मशीनों को सीधे अपनी जरूरत बताएंगे। जेन्सेन हुआंग भारत आ रहे हैं और India AI Impact Summit 2026 में हिस्सा लेंगे। इस मौके पर वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इसके भविष्य पर अपने विचार साझा करेंगे। ‘कोडर अब आउटडेटेड’ जेन्सेन के अनुसार, पारंपरिक कोडर का दौर खत्म होने वाला है। भविष्य में कंप्यूटर या सिस्टम पर काम करने वाला व्यक्ति कोड नहीं लिखेगा, बल्कि सिस्टम को सीधे बताएगा कि उसे क्या चाहिए। अगर रिजल्ट सही नहीं आया तो डीबगिंग की जगह सिस्टम से इसे सुधारने के लिए कहा जाएगा। यही वजह है कि उन्होंने इंग्लिश को भविष्य की सबसे पावरफुल ...
इंस्टाग्राम में AI फीचर की एंट्री: अब फोटो-वीडियो में जोड़ पाएंगे अपना चेहरा
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इंस्टाग्राम में AI फीचर की एंट्री: अब फोटो-वीडियो में जोड़ पाएंगे अपना चेहरा

नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए इंस्टाग्राम एक नया फीचर लेकर आने वाला है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मेटा के स्वामित्व वाला यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अब यूजर्स को एआई से बनी फोटो और वीडियो में अपना चेहरा जोड़ने की सुविधा देगा। इस नए फीचर के ज़रिए यूजर डिजिटल रूप से अपनी “लाइकनेस” (अपनी जैसी पहचान) वाली इमेज या क्लिप बना सकेंगे। इंस्टाग्राम का यह अपकमिंग टूल OpenAI के Sora प्लेटफॉर्म को टक्कर दे सकता है। फेस स्वैप टूल की तैयारी टेक टिप्सटर Alessandro Paluzzi ने X पर इस फीचर की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इंस्टाग्राम AI-पावर्ड फेस स्वैप सिस्टम पर काम कर रहा है, जिसे यूजर के लिए “मेरी लाइकनेस बनाएं” नाम से पेश किया जा सकता है। लीक हुई जानकारी के अनुसार, यूजर्स AI विजुअल्स या छोटी क्लिप में अपना चेहरा जोड़ सकेंगे। इसके लिए उन्हें टेक्स्ट प्रॉम्प्ट डालना ह...
AI की नई खोज से घट सकते हैं आपके खर्चे, दवा, इलाज और खेती में होगा बड़ा बदलाव
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AI की नई खोज से घट सकते हैं आपके खर्चे, दवा, इलाज और खेती में होगा बड़ा बदलाव

नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब सिर्फ मोबाइल और कंप्यूटर तक सीमित नहीं रहा। यह सीधे आम लोगों की जेब, सेहत और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगा है। हाल ही में GPT-5 नाम के अडवांस AI सिस्टम ने एक ऐसी खोज की है, जिससे दवाइयों, मेडिकल टेस्ट, खेती और कई जरूरी चीजों की लागत कम हो सकती है। GPT-5 ने प्रोटीन बनाने की महंगी प्रक्रिया को काफी सस्ता कर दिया है। आमतौर पर लोग प्रोटीन को सिर्फ जिम या सप्लीमेंट से जोड़कर देखते हैं, लेकिन हकीकत इससे कहीं ज्यादा है। कहाँ-कहाँ इस्तेमाल होता है प्रोटीन दवाइयों में: डायबिटीज के लिए इंसुलिन, कैंसर की दवाइयां, कोविड जैसे रोगों की दवा। मेडिकल जांच: डायग्नोस्टिक किट और लैब टेस्ट। खेती में: एंजाइम और कृषि संबंधी उत्पाद। इंडस्ट्री में: कपड़े धोने वाले डिटर्जेंट और अन्य उद्योगिक प्रक्रियाएं। इसका मतलब साफ है, जब प्रोटीन स...
रूस में अमेरिकी सोशल मीडिया पर बड़ा प्रतिबंध, वॉट्सऐप, फेसबुक, यूट्यूब और इंस्टाग्राम बंद
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रूस में अमेरिकी सोशल मीडिया पर बड़ा प्रतिबंध, वॉट्सऐप, फेसबुक, यूट्यूब और इंस्टाग्राम बंद

रूस की पुतिन सरकार ने अमेरिकी पॉपुलर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपने देश में बड़ा प्रतिबंध लगा दिया है। अब रूस में लोग फेसबुक, वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम और यूट्यूब का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। पिछले ही दिन रूस ने टेलीग्राम पर रोक लगाई थी। सरकार का उद्देश्य है कि रूसी नागरिक अब विदेशी ऐप्स की बजाय सरकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करें। कैसे लागू किया गया प्रतिबंध रूस की नियामक संस्था Roskomnadzor ने सुरक्षा का हवाला देते हुए यह फैसला लिया। अमेरिका के बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के डोमेन नामों को रूस के राष्ट्रीय DNS सिस्टम से हटा दिया गया। इस कदम के तहत अब इंटरनेट सेवा देने वालों के लिए राष्ट्रीय DNS सिस्टम का इस्तेमाल अनिवार्य कर दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया पर भी रोक मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस ने सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ही नहीं, बल्कि कई अ...
क्या स्मार्टवॉच बता सकती है डायबिटीज का खतरा? दुबई में शुरू हुई खास टेस्टिंग
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क्या स्मार्टवॉच बता सकती है डायबिटीज का खतरा? दुबई में शुरू हुई खास टेस्टिंग

दुबई में आयोजित वर्ल्ड हेल्थ एक्सपो (WHX) 2026 में एक नई स्टडी की घोषणा की गई है। इस स्टडी में Huawei Watch GT 6 Pro की टेस्टिंग की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि स्मार्टवॉच ब्लड ग्लूकोज लेवल और डायबिटीज रिस्क को कितनी सटीकता से पहचान सकती है। क्यों हो रही है यह टेस्टिंग दुनिया भर में लाखों लोग ऐसे हैं जिन्हें यह पता नहीं होता कि उन्हें डायबिटीज का खतरा है। इस वजह से समय रहते डायग्नोसिस और इलाज करना मुश्किल हो जाता है। नई स्मार्टवॉच टेक्नोलॉजी इन लोगों की मदद कर सकती है और समय रहते चेतावनी दे सकती है। टेस्टिंग में कौन शामिल होगा स्टडी में कुल 150 लोग शामिल होंगे: 50 हेल्दी वॉलंटियर्स 50 डायबिटीज के मरीज 50 प्री-डायबिटीज वाले लोग, जिनका ब्लड शुगर कभी ज्यादा और कभी कम हो सकता है इस ग्रुप पर खास ध्यान दिया जाएगा क्योंकि प्री-डायबिटीज वाले लोग अक्सर अपनी स्थिति के...