
नई दिल्ली: दुनिया की प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनी एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग का कहना है कि भविष्य में मशीनों से कम्यूनिकेट करने के लिए सबसे प्रभावशाली प्रोग्रामिंग लैंग्वेज इंग्लिश होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब पारंपरिक कोडिंग की जरूरत धीरे-धीरे कम होती जाएगी और लोग मशीनों को सीधे अपनी जरूरत बताएंगे।
जेन्सेन हुआंग भारत आ रहे हैं और India AI Impact Summit 2026 में हिस्सा लेंगे। इस मौके पर वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इसके भविष्य पर अपने विचार साझा करेंगे।
‘कोडर अब आउटडेटेड’
जेन्सेन के अनुसार, पारंपरिक कोडर का दौर खत्म होने वाला है। भविष्य में कंप्यूटर या सिस्टम पर काम करने वाला व्यक्ति कोड नहीं लिखेगा, बल्कि सिस्टम को सीधे बताएगा कि उसे क्या चाहिए। अगर रिजल्ट सही नहीं आया तो डीबगिंग की जगह सिस्टम से इसे सुधारने के लिए कहा जाएगा। यही वजह है कि उन्होंने इंग्लिश को भविष्य की सबसे पावरफुल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज बताया।
मशीनों को बता सकते हैं अपनी जरूरत
आज और भविष्य में यूजर्स मशीन को अपनी जरूरत बताएंगे और मशीन इसे समझकर प्रतिक्रिया देगी। जेन्सेन ने कहा कि अगर आप मशीन से साफ-साफ यह बता सकते हैं कि आपको क्या चाहिए, तो आप भी एक तरह से डेवलपर हैं, चाहे आपको पारंपरिक भाषाओं जैसे C++ या Python का ज्ञान न हो।
गैजेट्स होंगे और पर्सनलाइज्ड
आज के समय में गैजेट्स पहले से ही पर्सनलाइज्ड हो रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल से हर व्यक्ति अपने तरीके से मशीन से बातचीत कर सकता है और मशीन उसे उसी अंदाज में जवाब देती है। जेन्सेन ने भविष्य के इस विज़न की झलक साझा की और कहा कि हो सकता है भविष्य में स्थानीय भाषाएँ भी मशीनों से जुड़ने की प्रोग्रामिंग लैंग्वेज बन जाएँ।
एनवीडिया के सीईओ के विचार और AI की नई संभावनाएँ 16 से 20 जनवरी तक नई दिल्ली में आयोजित India AI Impact Summit 2026 में और सामने आएंगी।
