Thursday, April 9

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PSLV-C62 मिशन में विफलता, लेकिन ISRO की भविष्य की सफलता की राह तैयार
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PSLV-C62 मिशन में विफलता, लेकिन ISRO की भविष्य की सफलता की राह तैयार

नई दिल्ली, 14 जनवरी 2026: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के लिए साल का पहला मिशन एक बड़ी चुनौती लेकर आया। PSLV-C62 रॉकेट तकनीकी खराबी के कारण अपने निर्धारित मार्ग से भटक गया, जिससे इसमें सवार 16 उपग्रह और अन्य पेलोड प्रभावित हुए। यह मिशन भारत की राष्ट्रीय कूटनीति और अंतरिक्ष क्षेत्र में उसकी वैश्विक महत्वाकांक्षा दोनों के लिए अहम माना जा रहा था। असफलता से मिलने वाले सबक स्पेस मिशन में असफल होना कोई नई बात नहीं है। ISRO, NASA, SpaceX और चीन-रूस जैसे देशों के अनुभव बताते हैं कि अंतरिक्ष अनुसंधान inherently जोखिम भरा है। असफलताओं से मिलने वाला डेटा और सीख ही आगे आने वाली सफलताओं की नींव बनती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि विफलताओं की ईमानदारी से जांच, गलतियों से सीख और सिस्टम सुधार ही ISRO को भविष्य में मजबूत बनाएंगे। भरोसे और सुरक्षा पर असर PSLV रॉकेट लंबे समय से ISRO का सबसे भरोस...
इंजीनियरिंग छात्रों के लिए सुनहरा अवसर: NHAI के हाइवे प्रोजेक्ट्स में मिलेगी इंटर्नशिप
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इंजीनियरिंग छात्रों के लिए सुनहरा अवसर: NHAI के हाइवे प्रोजेक्ट्स में मिलेगी इंटर्नशिप

नई दिल्ली: भारतीय उच्च शिक्षा विभाग और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने इंजीनियरिंग छात्रों के लिए एक खास इंटर्नशिप प्रोग्राम लॉन्च किया है। इस प्रोग्राम के तहत छात्र देशभर के 150 से अधिक नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट्स में प्रैक्टिकल अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. विनीत जोशी के अनुसार, यह प्रोग्राम छात्रों को NHAI की एडवांस्ड इंजीनियरिंग चुनौतियों और नए इनोवेशन का व्यावहारिक अनुभव देगा। इससे युवा प्रोफेशनल्स देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में योगदान देने के लिए पूरी तरह तैयार होंगे। इंटर्नशिप के दौरान हर छात्र को सीखने, आने-जाने और प्रोफेशनल ग्रोथ में मदद के लिए माहवार 20,000 रुपये का स्टाइपेंड दिया जाएगा। छात्रों को फील्ड में जाकर नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट्स की बारीकियों को समझने का मौका मिलेगा। इंटर्नशिप की अवधि एक महीने, दो महीने या छह महीने तक हो सकती है। प्रत्येक प...
प्रधानमंत्री तक दायरे में… जस्टिस नागरत्ना के सवाल पर जस्टिस विश्वनाथन ने भी किया सवाल
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प्रधानमंत्री तक दायरे में… जस्टिस नागरत्ना के सवाल पर जस्टिस विश्वनाथन ने भी किया सवाल

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC ACT) की धारा 17A की संवैधानिक वैधता पर सुनवाई की। यह धारा ड्यूटी पर मौजूद लोक सेवकों के कामकाज से जुड़े अपराधों की जांच से पहले केंद्र या राज्य सरकार की मंजूरी लेना अनिवार्य करती है। दो जजों—जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस केवी विश्वनाथन—की पीठ ने इस प्रावधान पर अलग-अलग फैसले दिए, जिससे मामला बंटा हुआ माना गया। विभाजित फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इसे चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत के समक्ष भेज दिया है, ताकि नई पीठ इस पर पुनर्विचार कर सके। जस्टिस नागरत्ना का रुख: जस्टिस बीवी नागरत्ना ने धारा 17A को असंवैधानिक करार दिया। उन्होंने कहा कि यह प्रावधान भ्रष्टाचार विरोधी कानून की नींव को बाधित करता है। पूर्व अनुमति के बिना जांच की रोक जनता के हित में नहीं है और इससे भ्रष्ट अधिकारियों को लाभ होता है। जस्टिस नागरत्ना के अन...
पहले दिवालिया अंबानी और अब अडानी? प्रशांत भूषण ने राफेल डील को लेकर मोदी सरकार पर साधा निशाना, शेयर किया पुराना वीडियो
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पहले दिवालिया अंबानी और अब अडानी? प्रशांत भूषण ने राफेल डील को लेकर मोदी सरकार पर साधा निशाना, शेयर किया पुराना वीडियो

नई दिल्ली। वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने फ्रांस के साथ भारत द्वारा की जाने वाली कथित नई राफेल फाइटर जेट डील को लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने पर चर्चा कर रही है, जिसकी अनुमानित कीमत 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। इस बीच, प्रशांत भूषण ने पुराना वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर साझा करते हुए कहा कि जब सरकार इतनी बड़ी डील करने जा रही है, तो आइए 2015 की 60,000 करोड़ की डील को याद करें। भूषण ने वीडियो में बताया कि उस समय राफेल डील के 50% ऑफसेट कॉन्ट्रैक्ट दिवालिया अनिल अंबानी की नई बनी रिलायंस डिफेंस कंपनी को दिए गए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस बार इसी तरह की बड़ी डील में अडानी समूह को चुना जाएगा। भूषण के इस ट्वीट ने एक बार फिर राफेल डील और सरकारी प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनकी टिप्प...
नक्सल मुक्त भारत के बाद अगला लक्ष्य ‘अर्बन नक्सल मुक्त’ देश केंद्र सरकार ने तैयार किया 10 सूत्री रोडमैप, शहरी नेटवर्क पर कसेगा शिकंजा
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नक्सल मुक्त भारत के बाद अगला लक्ष्य ‘अर्बन नक्सल मुक्त’ देश केंद्र सरकार ने तैयार किया 10 सूत्री रोडमैप, शहरी नेटवर्क पर कसेगा शिकंजा

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 31 मार्च, 2026 तक देश को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त करने का लक्ष्य तय कर रखा है और सरकार को भरोसा है कि यह लक्ष्य समय पर हासिल कर लिया जाएगा। इसके साथ ही नक्सल समस्या के बाद की रणनीति पर भी काम तेज हो गया है। सरकार अब ग्रामीण और जंगल क्षेत्रों में सक्रिय नक्सलियों के सफाए के बाद ‘अर्बन नक्सलियों’ के खिलाफ बड़े और निर्णायक अभियान की तैयारी कर रही है। इसके लिए एक विस्तृत 10 सूत्री रोडमैप तैयार किया गया है। नक्सल मुक्त भारत के बाद की पूरी योजना सूत्रों के मुताबिक, जैसे ही 31 मार्च 2026 को ‘नक्सल मुक्त भारत’ की औपचारिक घोषणा होगी, उसके तुरंत बाद उन इलाकों के लिए विकास और सुरक्षा की संयुक्त रणनीति पर अमल शुरू कर दिया जाएगा, जहां से नक्सलियों का सफाया किया गया है। उद्देश्य यह है कि इन क्षेत्रों पर नक्सली या माओवादी दोबारा कब्जा न जमा सकें। इस रोडमैप में सुरक्षा व्यव...
भारत बनाएगा रॉकेट–मिसाइल फोर्स, सेना प्रमुख का बड़ा ऐलान चीन–पाकिस्तान की बढ़ती सैन्य ताकत के बीच भारत की निर्णायक तैयारी
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भारत बनाएगा रॉकेट–मिसाइल फोर्स, सेना प्रमुख का बड़ा ऐलान चीन–पाकिस्तान की बढ़ती सैन्य ताकत के बीच भारत की निर्णायक तैयारी

नई दिल्ली। भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सेना दिवस से पहले एक बड़ा और दूरगामी सैन्य ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बदलते युद्ध स्वरूप और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए भारत को अब एक विशेष रॉकेट–मिसाइल फोर्स की आवश्यकता है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मिले अनुभवों से सबक लेते हुए भारतीय सेना अपनी मारक क्षमता को और अधिक संगठित, आधुनिक और प्रभावशाली बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। सेना प्रमुख ने कहा कि आधुनिक युद्ध में रॉकेट और मिसाइलों को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता। यदि दुश्मन पर निर्णायक प्रभाव डालना है, तो इन सभी हथियार प्रणालियों को एकीकृत कमांड के तहत लाना समय की मांग बन चुकी है। इसी सोच के तहत भारत रॉकेट–मिसाइल फोर्स के गठन पर गंभीरता से काम कर रहा है। क्यों जरूरी है रॉकेट–मिसाइल फोर्स जनरल द्विवेदी ने कहा कि चीन और पाकिस्तान पहले ही इस दिशा में क...
भ्रष्टाचार रोधी कानून पर सुप्रीम कोर्ट में विभाजन, अब चीफ जस्टिस ही लेंगे अंतिम फैसला
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भ्रष्टाचार रोधी कानून पर सुप्रीम कोर्ट में विभाजन, अब चीफ जस्टिस ही लेंगे अंतिम फैसला

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17ए की संवैधानिक वैधता पर खंडित निर्णय सुनाया। यह धारा लोकसेवकों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में जांच शुरू करने से पहले सक्षम प्राधिकारी की अनुमति लेने की शर्त से जुड़ी है। अदालत में जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस केवी विश्वनाथन के मत अलग-अलग रहे। जस्टिस नागरत्ना का मत न्यायमूर्ति नागरत्ना ने कहा कि धारा 17ए असंवैधानिक है और इसे रद्द किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि जांच शुरू करने से पहले पूर्व अनुमति की शर्त अधिनियम के उद्देश्य के खिलाफ है। इससे भ्रष्ट लोकसेवकों को संरक्षण मिलता है और ईमानदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई में रुकावट आती है। जस्टिस विश्वनाथन का मत वहीं, जस्टिस केवी विश्वनाथन ने धारा 17ए को संवैधानिक मानते हुए कहा कि यह प्रावधान तभी सुरक्षित है जब मंजूरी लोकपाल या राज्य के लोकायुक्त से ली जा...
प्रधानमंत्री मोदी ने मकर संक्रांति, माघ बिहू और उत्तरायण की देशवासियों को दी शुभकामनाएं
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प्रधानमंत्री मोदी ने मकर संक्रांति, माघ बिहू और उत्तरायण की देशवासियों को दी शुभकामनाएं

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को मकर संक्रांति, माघ बिहू और उत्तरायण के पावन अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने सूर्यदेव से सबके सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। पीएम मोदी के संदेश प्रधानमंत्री मोदी ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) पोस्ट में लिखा, “सभी देशवासियों को मकर संक्रांति की असीम शुभकामनाएं। तिल और गुड़ की मिठास से भरा भारतीय संस्कृति एवं परंपरा का यह दिव्य अवसर हर किसी के जीवन में प्रसन्नता, संपन्नता और सफलता लेकर आए। सूर्यदेव सबका कल्याण करें।” उन्होंने कहा कि यह पर्व देश के विभिन्न हिस्सों में स्थानीय रीति-रिवाजों और परंपराओं के अनुसार मनाया जाता है। उत्तरायण और माघ बिहू की बधाई प्रधानमंत्री ने उत्तरायण पर्व के अवसर पर भी शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह उत्सव खुशियों, अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि का संदेश लेकर आए। उन्होंने माघ बिहू...
नितिन नबीन होंगे बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष: पीएम मोदी बन सकते हैं उनके प्रस्तावक
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नितिन नबीन होंगे बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष: पीएम मोदी बन सकते हैं उनके प्रस्तावक

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने जा रही है, और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन 20 जनवरी, 2026 से जेपी नड्डा की जगह राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभालेंगे। सूत्रों के अनुसार, नबीन का चुनाव निर्विरोध होने की संभावना है और उनके प्रस्तावकों में पहला नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी हो सकता है। चुनाव प्रक्रिया और तिथियां नितिन नबीन 19 जनवरी को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे, और माना जा रहा है कि उनके खिलाफ कोई अन्य उम्मीदवार नहीं होगा। इसी दिन उनके निर्विरोध चयन की औपचारिक घोषणा भी की जाएगी। इस अवसर पर पीएम मोदी, केंद्रीय मंत्री, बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और प्रदेश इकाइयों के अध्यक्ष उपस्थित रहेंगे। सबसे कम उम्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन 46 वर्ष की उम्र में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक...
सुप्रीम कोर्ट ने विधवा बहू को दी बड़ी राहत: ससुर की संपत्ति से भरण-पोषण का हकदार
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सुप्रीम कोर्ट ने विधवा बहू को दी बड़ी राहत: ससुर की संपत्ति से भरण-पोषण का हकदार

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने विधवा बहू को ससुर की संपत्ति से गुजारा भत्ता (भरण-पोषण) का अधिकार देने वाला अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि अगर किसी महिला की विधवा होने की स्थिति ससुर की मृत्यु के बाद होती है, तब भी वह हिंदू दत्तक और भरण-पोषण अधिनियम, 1956 के तहत भरण-पोषण का दावा कर सकती है। इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने मनुस्मृति का भी हवाला देते हुए सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी पर जोर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि पहले यह भ्रम था कि बहू को ससुर के मरने के बाद भरण-पोषण का अधिकार नहीं है। अदालत ने इसे गलत और बेतुका बताया। न्यायमूर्ति पंकज मित्तल और एस.वी.एन. भट्टी की बेंच ने कहा कि चाहे बहू ससुर के जीवित रहते हुए विधवा हो या उनके मरने के बाद, दोनों ही स्थितियों में वह गुजारा भत्ता पाने की हकदार है। कानून की धारा 22 के तहत जिम्मेदारी सुप्रीम कोर्ट ने हिंद...