Wednesday, January 14

भारत बनाएगा रॉकेट–मिसाइल फोर्स, सेना प्रमुख का बड़ा ऐलान चीन–पाकिस्तान की बढ़ती सैन्य ताकत के बीच भारत की निर्णायक तैयारी

नई दिल्ली। भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सेना दिवस से पहले एक बड़ा और दूरगामी सैन्य ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बदलते युद्ध स्वरूप और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए भारत को अब एक विशेष रॉकेट–मिसाइल फोर्स की आवश्यकता है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मिले अनुभवों से सबक लेते हुए भारतीय सेना अपनी मारक क्षमता को और अधिक संगठित, आधुनिक और प्रभावशाली बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

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सेना प्रमुख ने कहा कि आधुनिक युद्ध में रॉकेट और मिसाइलों को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता। यदि दुश्मन पर निर्णायक प्रभाव डालना है, तो इन सभी हथियार प्रणालियों को एकीकृत कमांड के तहत लाना समय की मांग बन चुकी है। इसी सोच के तहत भारत रॉकेट–मिसाइल फोर्स के गठन पर गंभीरता से काम कर रहा है।

क्यों जरूरी है रॉकेट–मिसाइल फोर्स

जनरल द्विवेदी ने कहा कि चीन और पाकिस्तान पहले ही इस दिशा में काफी आगे बढ़ चुके हैं।

  • चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी रॉकेट फोर्स (PLARF) को उसकी सैन्य ताकत की रीढ़ माना जाता है, जिसे 2016 के बाद से लगातार मजबूत किया जा रहा है।
  • पाकिस्तान ने भी अपनी अलग रॉकेट फोर्स स्थापित कर ली है।

ऐसे में भारत के लिए भी यह जरूरी हो गया है कि वह रॉकेट, मिसाइल, ड्रोन और एयर डिफेंस सिस्टम को एक साझा रणनीतिक ढांचे में लाए।

इस फोर्स में क्या-क्या होगा शामिल

सेना प्रमुख के अनुसार, प्रस्तावित रॉकेट–मिसाइल फोर्स में कई अत्याधुनिक हथियार प्रणालियां शामिल होंगी—

पिनाका रॉकेट सिस्टम
भारत में विकसित मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर पिनाका की गाइडेड रेंज फिलहाल 120 किलोमीटर है। इसके लिए 150 किलोमीटर तक रेंज बढ़ाने के कॉन्ट्रैक्ट हो चुके हैं, जबकि भविष्य में इसके उन्नत संस्करण 300 से 450 किलोमीटर तक मार कर सकेंगे।

प्रलय मिसाइल
150 से 500 किलोमीटर रेंज वाली यह कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल दुश्मन के एयरबेस, रडार स्टेशन और कमांड सेंटर जैसे अहम ठिकानों को नष्ट करने में सक्षम है।

ब्रह्मोस मिसाइल
भारत–रूस की संयुक्त सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस मैक-3 की रफ्तार से हमला करती है। 290 से 450 किलोमीटर रेंज वाली यह मिसाइल जमीन, समुद्र और हवा—तीनों प्लेटफॉर्म से दागी जा सकती है और बेहद सटीक प्रहार के लिए जानी जाती है।

भारत की सैन्य नीति में बड़ा बदलाव

सेना प्रमुख का यह ऐलान साफ संकेत देता है कि भारत अब केवल प्रतिक्रिया की नीति पर नहीं, बल्कि रणनीतिक बढ़त और निर्णायक प्रतिरोध की दिशा में आगे बढ़ रहा है। रॉकेट–मिसाइल फोर्स का गठन भारत की सैन्य ताकत को न सिर्फ संगठित करेगा, बल्कि चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों को स्पष्ट संदेश भी देगा कि भारत किसी भी चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

यह प्रस्तावित फोर्स आने वाले समय में भारतीय सेना की युद्ध क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला कदम माना जा रहा है।

 

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