‘दोषसिद्धि से पहले जमानत मिलनी ही चाहिए’, उमर खालिद के मामले पर पूर्व CJI चंद्रचूड़ का बड़ा बयान
नई दिल्ली: दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद की जमानत सुप्रीम कोर्ट से नामंजूर किए जाने के बाद पूर्व चीफ जस्टिस (CJI) डी.वाई. चंद्रचूड़ ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दोष सिद्धि से पहले जमानत (बेल) एक नागरिक का मौलिक अधिकार है और बिना मुकदमे के लंबी जेल संवैधानिक न्याय को कमजोर करती है।
रविवार को जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में चंद्रचूड़ ने कहा, “उमर खालिद पांच साल से जेल में हैं। मैं अपने न्यायालय की आलोचना नहीं कर रहा हूं। जमानत की शर्तों का दुरुपयोग रोकने के लिए शर्तें लगाई जा सकती हैं, लेकिन शीघ्र सुनवाई संभव न होने पर जमानत अपवाद नहीं बल्कि नियम होनी चाहिए।”
पूर्व CJI ने बताया किन मामलों में जमानत से किया जा सकता है इंकार:
उन्होंने कहा कि अगर आरोपी के समाज में लौट कर फिर से अपराध करने, सबूतों में छेड़छाड़ करने या जमानत का फायदा ले...










