Monday, January 19

AI ने डॉक्टर से पहले बता दी आंखों में रेटिना की बीमारी, स्वास्थ्य क्षेत्र में ला दी क्रांति

 

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नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब स्वास्थ्य क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना रहा है। एम्स रायबरेली की हालिया रिसर्च में यह सामने आया है कि AI टूल्स जैसे ChatGPT और Gemini, डॉक्टर से पहले आंखों की रेटिना से जुड़ी बीमारियों की पहचान करने में सक्षम हैं।

 

रिसर्च की पद्धति:

एम्स रायबरेली के नेत्र रोग विभाग ने 30 मरीजों के मामलों का अध्ययन किया। हर मरीज के लिए आंख की फंडस फोटो (रेटिना की तस्वीर) और बीमारी से जुड़ी आवश्यक जानकारी AI टूल्स और अनुभवी नेत्र रोग विशेषज्ञ को दी गई। इसके बाद तीनों के नतीजों की तुलना विशेषज्ञ द्वारा तय सही डायग्नोसिस से की गई।

 

परिणाम:

 

डॉक्टरों की सटीकता: 97% (30 में से 29 मामलों में सही पहचान)

ChatGPT की सटीकता: 90%

Gemini की सटीकता: 87%

 

समय के लिहाज से ChatGPT सबसे तेज साबित हुआ। किसी केस का उत्तर देने में उसे औसतन सिर्फ 22 सेकंड लगे, जबकि Gemini को 26 सेकंड और डॉक्टरों को लगभग 150 सेकंड लगे। हालांकि बीमारी को समझाकर मरीज को बताने में डॉक्टर ही सबसे बेहतर रहे।

 

AI ने किन बीमारियों को पहचानने में सफलता पाई:

एम्स रायबरेली की टीम ने यह भी पाया कि ChatGPT और Gemini ने डायबिटिक रेटिनोपैथी को 100% सटीकता से पहचाना। इसके अलावा ऑप्टिक एट्रॉफी, रेटिनल डिटैचमेंट, मायोपिक फंड्स जैसी अन्य रेटिना संबंधित बीमारियों की पहचान भी AI ने बड़ी सटीकता से की।

 

महत्व:

रेटिना की बीमारियां समय पर न पकड़ी जाएं तो अंधेपन तक का कारण बन सकती हैं। इस अध्ययन से यह साबित हुआ कि AI अब डॉक्टरों की मदद से बीमारी की जल्दी पहचान और इलाज की दिशा में सहायक बन सकता है।

 

 

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