
नई दिल्ली: कांग्रेस ने अपने देशव्यापी अभियान ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ की समीक्षा करते हुए पंचायत स्तर पर जनसंपर्क बढ़ाने का निर्णय लिया है। पार्टी ने संप्रग सरकार के महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में बदलावों के विरोध में इसे उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग दोहराई।
कांग्रेस ने 10 जनवरी को 45 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ की शुरुआत की थी। पार्टी का उद्देश्य आम जनता, मनरेगा श्रमिकों और अन्य हितधारकों को सीधे शामिल कर आंदोलन को और प्रभावी बनाना है।
कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि ऑनलाइन समीक्षा बैठक में सभी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, प्रभारी महासचिव और मनरेगा समन्वय समिति के सदस्य शामिल हुए। बैठक में निर्णय लिया गया कि वार्ड स्तर पर शांतिपूर्ण धरने आयोजित किए जाएंगे, उसके बाद विधानसभा और लोक भवन घेराव तथा क्षेत्रीय रैलियों के माध्यम से आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
वेणुगोपाल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा, “इस अभियान को मजबूत करने के लिए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 20 जनवरी को उत्तर प्रदेश के रायबरेली में ‘मनरेगा चौपाल’ में भाग लेंगे। यह ग्रामीण श्रमिकों के अधिकार और उनकी गरिमा के प्रति कांग्रेस की प्रतिबद्धता को उजागर करेगा।”
कांग्रेस का यह कदम यह संकेत देता है कि पार्टी ग्रामीण रोजगार और सामाजिक न्याय के मुद्दों को लेकर सक्रिय राजनीति करती रहेगी और पंचायत स्तर तक अपने जनसंपर्क प्रयासों को बढ़ाएगी।