दीवार या छत का प्लास्टर कराते समय इन 6 गलतियों से बचें, सिविल इंजीनियर ने बताईं जरूरी बातें
अक्सर घर बनने के कुछ समय बाद दीवारों या छतों पर दरारें आना आम समस्या बन जाती हैं। यह न सिर्फ घर की खूबसूरती को प्रभावित करता है, बल्कि सीलन और मजबूती की चिंता भी बढ़ा देता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ये दरारें प्लास्टर के दौरान की गई छोटी-छोटी गलतियों का नतीजा होती हैं।
सीविल इंजीनियर ने प्लास्टर करते समय ध्यान रखने योग्य 6 अहम बातें बताईं, जिन्हें अपनाकर आप दीवारों और छतों में दरारों से बच सकते हैं और पेंट की फिनिशिंग भी बेहतरीन बना सकते हैं।
1. रेत की छनाई और क्वालिटी
प्लास्टर के लिए हमेशा बारीक और अच्छी तरह छानी हुई रेत का इस्तेमाल करें। मोटी रेत या अधिक मिट्टी वाली रेत दीवारों पर सूखने के बाद दरारें डाल सकती है।
2. फाइबर मैश या ‘मुर्गा जाली’ का उपयोग
ईंटों की दीवार और कंक्रीट कॉलम के ज्वाइंट्स पर फाइबर मैश या मुर्गा जाली लगाएं। यही नियम इलेक्ट्रिक पाइप फिटिंग वाले हिस्सों पर भी लागू...










