Monday, February 16

दीवार या छत के प्लास्टर में नहीं आएंगी दरारें, सिविल इंजीनियर ने बताईं 6 जरूरी बातें

नई दिल्ली। अक्सर घर बनने के कुछ समय बाद ही दीवारों या छतों पर दरारें नजर आने लगती हैं। यह न केवल घर की खूबसूरती बिगाड़ती हैं, बल्कि सीलन और मजबूती की चिंता भी बढ़ा देती हैं। असल में ये दरारें प्लास्टर के दौरान की गई छोटी-छोटी गलतियों का नतीजा होती हैं। सिविल इंजीनियर ने प्लास्टर के दौरान ध्यान रखने योग्य छह अहम बातों का खुलासा किया है, जिन्हें अपनाकर दीवारों की मजबूती और पेंट की फिनिशिंग बेहतर बनाई जा सकती है।

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1. रेत की छनाई और क्वालिटी

प्लास्टर में रेत की भूमिका सबसे अहम होती है। हमेशा रेत को अच्छी तरह छानने के बाद ही इस्तेमाल करें। छानने से रेत में मौजूद कंकड़-पत्थर और गंदगी निकल जाती है। प्लास्टर के लिए बारीक रेत सबसे अच्छी मानी जाती है। अगर रेत मोटी होगी या उसमें मिट्टी ज्यादा होगी, तो प्लास्टर सूखने के बाद दीवारों पर बारीक दरारें पड़ने की संभावना बढ़ जाती है।

2. फाइबर मैश या ‘मुर्गा जाली’ का इस्तेमाल

जहां ईंटों की दीवार और कंक्रीट कॉलम जुड़ते हैं, वहां दरारें सबसे पहले आती हैं। इन जॉइंट्स पर फाइबर मैश या मुर्गा जाली लगाना जरूरी है। इलेक्ट्रिक पाइप की फिटिंग के लिए की गई कटिंग पर भी जाली लगाकर प्लास्टर करें। यह दो अलग-अलग मटेरियल को मजबूती से जोड़कर रखती है।

3. हैकिंग यानी टक लगाना

कंक्रीट की सतह बहुत चिकनी होती है, जिससे सीमेंट का मसाला आसानी से नहीं चिपकता। इसलिए प्लास्टर शुरू करने से पहले सतह पर हैकिंग यानी छोटे-छोटे छेद करना जरूरी है। पन्नी जैसी चिकनी सतह पर भी हैकिंग करना आवश्यक है, ताकि मसाला अच्छी तरह जड़ पकड़ सके।

4. पानी से दीवार की तराई और सीमेंट का घोल

प्लास्टर लगाने से ठीक एक दिन पहले दीवार या छत को पानी से अच्छी तरह भिगो लें। काम वाले दिन भी सतह गीली होनी चाहिए। इसके बाद सीमेंट और पानी का गाढ़ा घोल दीवार पर लगाएं। यह घोल पुराने प्लास्टर और नई सतह के बीच गोंद का काम करता है और प्लास्टर भविष्य में दीवार छोड़ता नहीं है।

5. सीमेंट का सही अनुपात और मोटाई

मसाले में सीमेंट और रेत का सही मिश्रण मजबूती की गारंटी है। प्लास्टर के लिए 1:4 या 1:5 का अनुपात सबसे सटीक है। अंदरूनी दीवारों पर प्लास्टर की मोटाई 10–12 मिमी होनी चाहिए। बहुत मोटा प्लास्टर गिरने या फटने का जोखिम बढ़ा देता है।

6. फिनिशिंग और गैप पर ध्यान

प्लास्टर करते समय मसाला पूरी दीवार पर एकसमान और एक ही लेवल में लगाएं। कहीं भी खाली जगह या गैप न छोड़ें। जब प्लास्टर एकसमान होता है, तो पुट्टी और पेंट की फिनिशिंग शानदार आती है। उबड़-खाबड़ प्लास्टर न केवल देखने में खराब लगता है, बल्कि पेंट का खर्चा भी बढ़ा देता है।

सिविल इंजीनियर की इन टिप्स को अपनाकर आप अपने घर की दीवारों और छत को मजबूत, खूबसूरत और दरार-मुक्त रख सकते हैं।

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