फैक्ट्री नहीं, चीन बन रहा ‘डिलीवरी बॉय’ का देश: 14 घंटे की शिफ्ट मजबूरी, भारत में भी चर्चा तेज
नई दिल्ली: चीन में गिग वर्कर्स की संख्या लगातार बढ़ रही है। फैक्ट्रियों के देश के रूप में मशहूर चीन अब गिग इकोनॉमी के लिए जाना जाने लगा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 14 घंटे की लंबी शिफ्ट और प्रति डिलीवरी मात्र 1 डॉलर की कमाई के बावजूद लोग मजबूरी में इस काम को अपना रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ गिग वर्कर्स की बढ़ती संख्या ही नहीं, बल्कि चीन की अर्थव्यवस्था में मंदी और पारंपरिक नौकरियों की कमी का भी संकेत है। गिग वर्क लोगों को फ्लेक्सिबिलिटी देता है, लेकिन इसके साथ ही यह कम वेतन, नौकरी की असुरक्षा और तनावपूर्ण माहौल का भी संदेश देता है।
चीन में फ्रीलांसिंग, फूड डिलीवरी, राइड-हेलिंग और लाइवस्ट्रीमिंग जैसे काम तेजी से बढ़ रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राइड-हेलिंग ड्राइवरों की संख्या 2024 तक तीन गुना बढ़कर 75 लाख हो गई, जबकि राइड्स में केवल 60% की वृद्धि हुई। कई लोग कम वेतन और...









