Sunday, January 25

Business

ओला इलेक्ट्रिक के शेयर: पीक से 78% फिसल, रिटेल निवेशकों के लिए अब क्या करें?
Business

ओला इलेक्ट्रिक के शेयर: पीक से 78% फिसल, रिटेल निवेशकों के लिए अब क्या करें?

मुंबई: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माता ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में पिछले कुछ महीनों में भारी गिरावट देखने को मिली है। कंपनी के शेयर अपने पीक स्तर 157.4 रुपये से गिरकर अब लगभग 34.67 रुपये पर आ गए हैं, यानी लगभग 78% की कमी। इस गिरावट से बड़े ग्लोबल निवेशकों को भी भारी नुकसान हुआ है। निवेशकों को हुआ भारी नुकसान सॉफ्टबैंक की SVF II Ostrich (DE) LLC और टेमासेक की सहयोगी MacRitchie Investments सहित कई बड़े निवेशकों को करोड़ों रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है। सॉफ्टबैंक ने अपने निवेश पर करीब 1,083 करोड़ रुपये का नुकसान देखा, जबकि MacRitchie Investments का नुकसान 548 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। जापानी निवेशक भी हुए प्रभावित IPO के दौरान ओला इलेक्ट्रिक में निवेश करने वाले जापानी निवेशकों ने कुछ शेयर बेचे और अपनी हिस्सेदारी 2.15% तक घटा दी। MacRitchie Investments ने भी उच्च कीमत पर शेयर खरीदे थे, लेकिन ...
OPEC+ को पीछे छोड़ चीन बना तेल का ‘किंग’, कीमतों के लिए मिली नई चाबी?
Business

OPEC+ को पीछे छोड़ चीन बना तेल का ‘किंग’, कीमतों के लिए मिली नई चाबी?

नई दिल्ली: साल 2025 में तेल की दुनिया में नया खेल शुरू हो गया है। आम तौर पर OPEC+ जैसे बड़े उत्पादक देशों का समूह ही तेल की कीमत तय करता है, लेकिन अब चीन ने इस परंपरागत सोच को चुनौती दे दी है। दुनिया का सबसे बड़ा तेल आयातक चीन ने अपने भंडार बढ़ाने के जरिए तेल की कीमतों पर असर डालना शुरू कर दिया है। चीन का रणनीतिक खेल: चीन ने साल 2025 में अपनी घरेलू खपत और रिफाइन किए गए उत्पादों के निर्यात से अधिक तेल खरीदा। इससे तेल की कीमतों के 'फ्लोर' (न्यूनतम स्तर) और 'सीलिंग' (अधिकतम स्तर) तय करने की क्षमता चीन के हाथ में आ गई। जब कीमतें गिरती हैं, तो चीन अधिक तेल खरीदता है; और जब कीमतें बढ़ती हैं, तो खरीद कम कर देता है। OPEC+ की भूमिका: 2022 में OPEC+ ने उत्पादन घटाकर कीमतें बढ़ाई थीं, लेकिन अप्रैल 2025 में उत्पादन बढ़ने पर कीमतें फिर कम होने लगीं। अब, जब बाजार में अतिरिक्त तेल का दबाव है, OPEC+ ने ...
पैनी स्टॉक का धमाका: ₹20 का शेयर पांच दिन में डबल के करीब, 91% की रैली
Business

पैनी स्टॉक का धमाका: ₹20 का शेयर पांच दिन में डबल के करीब, 91% की रैली

मुंबई: भारतीय स्टॉक मार्केट में स्मॉल कैप शेयर TCI Finance ने investors का ध्यान अपनी ओर खींचा है। नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) के इस शेयर ने बीते सिर्फ़ पांच कारोबारी दिनों में 91% की जबरदस्त तेजी दिखाई। मंगलवार, 23 दिसंबर को यह शेयर ₹21.25 प्रति शेयर पर बंद हुआ, जो पहले के ₹11.10 से लगभग डबल हो गया। पांच दिन, हर दिन अपर सर्किट: 16 दिसंबर को इस शेयर का बंद भाव ₹11.10 था। 17 और 18 दिसंबर को यह 20% के सर्किट में ट्रेड हुआ। बाद में एक्सचेंजों ने सर्किट को घटाकर 10% कर दिया, लेकिन इसके बावजूद शेयर की तेजी थम नहीं सकी। अगर यह रफ्तार इसी तरह बनी रही, तो दिसंबर महीने में यह जून 2024 के बाद की सबसे बड़ी मासिक बढ़ोतरी बन जाएगी। शेयर बढ़ने के कारण: विश्लेषकों के अनुसार, इस ज़बरदस्त उछाल के पीछे कोई खास फंडामेंटल कारण नहीं दिख रहा है। तकनीकी कारणों ने इसमें अहम भूमिका निभाई है। इस तेजी ने निवे...
रुपये को गिरने से बचाने के लिए आरबीआई ने बेचे 11.9 अरब डॉलर
Business

रुपये को गिरने से बचाने के लिए आरबीआई ने बेचे 11.9 अरब डॉलर

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अक्टूबर 2025 में रुपये को मजबूती देने के लिए शुद्ध रूप से 11.9 अरब डॉलर की बिक्री की। यह कदम इस बात का सबूत है कि विदेशी मुद्रा बाजार में स्थिरता बनाए रखने का मुख्य काम आरबीआई ही करता है। आरबीआई के दिसंबर बुलेटिन के अनुसार, पूरे वित्तीय वर्ष 2025 (FY25) में केंद्रीय बैंक ने स्पॉट और फॉरवर्ड दोनों बाजारों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसका उद्देश्य रुपये में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को रोकना और बाजार को व्यवस्थित रखना था। स्पॉट और फॉरवर्ड मार्केट में दखल: स्पॉट मार्केट में अक्टूबर में डॉलर की कुल खरीद 17.7 अरब डॉलर तक पहुंची, जो सितंबर के 2.2 अरब डॉलर की तुलना में 704% अधिक थी। वहीं, डॉलर की कुल बिक्री 192% बढ़कर 29.6 अरब डॉलर हो गई। शुद्ध रूप से यह बिक्री 11.9 अरब डॉलर रही, जो सितंबर की 7.9 अरब डॉलर से लगभग 50% अधिक है। फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट्स का सहारा लेकर आरब...
डीडीए फ्लैट्स: 1026 में से सिर्फ 178 बिके, TOD स्कीम को जनता का ठंडा रिस्पॉन्स
Business

डीडीए फ्लैट्स: 1026 में से सिर्फ 178 बिके, TOD स्कीम को जनता का ठंडा रिस्पॉन्स

नई दिल्ली: दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) हाउसिंग स्कीम को जनता से उम्मीद के मुताबिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। कड़कड़डूमा में पहले चरण के 1026 फ्लैट्स में से केवल 178 का ही ई-ऑक्शन सफल रहा। यह आंकड़ा बताता है कि लोगों ने इस स्कीम को लगभग नकार दिया। TOD स्कीम का उद्देश्य दिल्ली में भीड़भाड़ को कम करना और शहर में व्यवस्थित आवास व्यवस्था को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत 2 बीएचके फ्लैट्स का रिजर्व प्राइस 1.78 करोड़ रुपये से लेकर 3.08 करोड़ रुपये तक तय किया गया था। फ्लैट का आकार 141.64 वर्ग मीटर से 250.32 वर्ग मीटर तक है। डीडीए ने अब सफल आवेदकों को “डिमांड कम अलॉटमेंट लेटर” जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह लेटर आवास पोर्टल eservices.dda.org.in के माध्यम से उपलब्ध होंगे। हालांकि इस योजना के लिए 1500 से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, लेकिन केवल...
ईवी खरीदने पर दिल्ली में मिल सकती है पार्किंग छूट, पार्लियामेंट्री कमेटी का सुझाव
Business

ईवी खरीदने पर दिल्ली में मिल सकती है पार्किंग छूट, पार्लियामेंट्री कमेटी का सुझाव

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में ई-व्हीकल (EV) खरीदने पर सब्सिडी के अलावा और भी कई प्रोत्साहन मिल सकते हैं। पर्यावरण मंत्रालय की पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी ने इस दिशा में कई सुझाव दिए हैं, ताकि शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके। कमेटी ने क्या सुझाव दिए? पार्किंग में छूट: ई-व्हीकल के लिए पार्किंग शुल्क में छूट देने पर विचार किया जा सकता है। पारंपरिक गाड़ियों पर अतिरिक्त चार्ज: पेट्रोल और डीजल कारों से अतिरिक्त पार्किंग शुल्क वसूला जा सकता है। नई नॉन-इलेक्ट्रिक गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन: सालाना एक सीमा तय करके नई पारंपरिक गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन नियंत्रित किया जा सकता है। ग्रीन कार लोन: प्राइवेट सेक्टर के बैंक ईंधन के प्रकार के हिसाब से ब्याज दरों के साथ ग्रीन कार लोन शुरू कर सकते हैं। फिटनेस टेस्ट और उत्सर्जन मानक में बदलाव प्राइवेट गाड़ियों का प...
भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड डील: फायदे और नुकसान आसान भाषा में
Business

भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड डील: फायदे और नुकसान आसान भाषा में

नई दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड ने सोमवार को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत पूरी कर ली। इस समझौते से भारत के सामान को न्यूजीलैंड के बाजार में बिना किसी टैक्स (ड्यूटी-फ्री) के प्रवेश मिलेगा। डील का सबसे ज्यादा फायदा कपड़ा और चमड़ा जैसे श्रम-प्रधान सेक्टर्स को होगा। वहीं, न्यूजीलैंड ने अगले 15 सालों में भारत में 20 अरब डॉलर (लगभग 1.6 लाख करोड़ रुपये) निवेश का भी वादा किया है। भारत को क्या फायदा? भारत से आने वाले 100% सामानों पर न्यूजीलैंड जीरो-ड्यूटी एक्सेस देगा। इससे भारतीय कंपनियों को न्यूजीलैंड में अपना कारोबार फैलाने में मदद मिलेगी। डेयरी, मीट, सब्जियां, चीनी, तांबा और एल्युमीनियम जैसे संवेदनशील सेक्टर्स पर कोई छूट नहीं दी जाएगी। न्यूजीलैंड को क्या फायदा? न्यूजीलैंड से आने वाले भेड़ का मांस, ऊन, कोयला और लकड़ी टैक्स फ्री होंगे। कीवी, वाइन, चेरी, एवोकैडो और ...
म्यूचुअल फंड में अब GST, सेबी फीस जैसे खर्चे अलग, निवेशकों को होगी मामूली राहत
Business

म्यूचुअल फंड में अब GST, सेबी फीस जैसे खर्चे अलग, निवेशकों को होगी मामूली राहत

नई दिल्ली: शेयर बाजार नियामक SEBI ने म्यूचुअल फंड नियमों में बड़ा बदलाव किया है। 17 दिसंबर को जारी नए नियमों के तहत Expense Ratio यानी फंड प्रबंधन पर होने वाले खर्चों का ढांचा नया रूप ले चुका है। अब निवेशकों को यह साफ-साफ पता चलेगा कि उनके पैसों पर असल में कितना खर्च हो रहा है। बेस एक्सपेंस रेशियो (BER) की शुरुआत मुख्य बदलाव एक्सपेंस रेशियो फ्रेमवर्क में किया गया है और इसे अब बेस एक्सपेंस रेशियो (BER) नाम दिया गया है। SEBI ने स्पष्ट किया है कि अब STT, CTT, GST, स्टैंप ड्यूटी, सेबी फीस और एक्सचेंज चार्जेज जैसी चीजें BER में शामिल नहीं होंगी। ये सभी चार्ज अब अलग से वसूले जाएंगे। कुल खर्च यानी TER (Total Expense Ratio) अब बनेगा: BER + ब्रोकरेज + सरकारी टैक्स और फीस। कितना फर्क पड़ेगा? विशेषज्ञों का कहना है कि खर्चों को अलग दिखाने से निवेशकों के फैसले पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। लंबे समय ...
आज इन शेयरों से मिलेगी कमाई, Jupiter Wagons और Cochin Shipyard में दिखी जोरदार तेजी
Business

आज इन शेयरों से मिलेगी कमाई, Jupiter Wagons और Cochin Shipyard में दिखी जोरदार तेजी

नई दिल्ली: स्थानीय शेयर बाजार में तेजी का रुझान लगातार जारी है। बीते सोमवार को दोनों प्रमुख सूचकांक मजबूती के साथ बंद हुए। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 638.12 अंक बढ़कर 85,567.48 पर पहुंचा, जबकि एनएसई का 50 शेयरों वाला निफ्टी 206 अंक चढ़कर 26,172.40 अंक पर बंद हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़ने और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतिगत दर में कटौती की उम्मीद से निवेशकों का भरोसा बढ़ा और बाजार में तेजी का माहौल बना रहा। सेंसेक्स में ट्रेंट ने सबसे ज्यादा 3.56% की तेजी दिखाई। इसके अलावा इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, टीसीएस, भारती एयरटेल, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, टाटा मोटर्स, रिलायंस और मारुति भी लाभ में रहे। वहीं, भारतीय स्टेट बैंक 0.6% की गिरावट के साथ सबसे अधिक नुकसान में रहा। इसके अलावा कोटक महिंद्रा बैंक, लार्सन एंड टुब्रो और टाइटन भी नुकसान में रहे। कौन से शेयर बने आकर्ष...
अंबुजा सीमेंट्स का बड़ा कदम: अडानी का मास्टरस्ट्रोक, ACC और ओरिएंट सीमेंट के साथ हुआ विलय
Business

अंबुजा सीमेंट्स का बड़ा कदम: अडानी का मास्टरस्ट्रोक, ACC और ओरिएंट सीमेंट के साथ हुआ विलय

नई दिल्ली: अडानी समूह की प्रमुख कंपनी अंबुजा सीमेंट्स ने अपनी सहायक कंपनियों एसीसी लिमिटेड और ओरिएंट सीमेंट के साथ विलय की मंजूरी दे दी है। इस रणनीतिक कदम से भारत में एक मजबूत सीमेंट पावरहाउस का निर्माण होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विलय परिचालन दक्षता बढ़ाएगा, लागत कम करेगा और शेयरधारकों को लंबे समय में बेहतर रिटर्न देगा। विलय से क्या होगा बदलाव: इस विलय से मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को अनुकूलित किया जाएगा। नेटवर्क, ब्रांडिंग और बिक्री प्रचार से जुड़े खर्चों में सुव्यवस्था और सरलता आएगी। प्रति टन मार्जिन में कम से कम 100 रुपये का सुधार संभव है। प्रशासनिक लागतें घटेंगी और निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज और चुस्त होगी। शेयरधारकों को लाभ: एसीसी के प्रत्येक 100 इक्विटी शेयरों के लिए अंबुजा 328 इक्विटी शेयर जारी करेगा। ओरिएंट सीमेंट के प्रत्येक 100 ...