

नई दिल्ली। छात्र संगठन से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता अभिजीत डिपके ने केंद्र सरकार से संवाद और जवाबदेही की मांग करते हुए कहा है कि मौजूदा समय में असली मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, न कि ऐसे सवाल उठाए जाएं जो मूल विषय से ध्यान भटकाएं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर मंगलवार को किए गए एक पोस्ट में डिपके ने लिखा कि यह पूछने के बजाय कि विपक्ष के नेताओं ने सीजेपी (CJP) का समर्थन क्यों नहीं किया या संगठन के सभी सदस्य सोनम सर के साथ भूख हड़ताल पर क्यों नहीं बैठे, उन सवालों पर ध्यान देना चाहिए जो वास्तव में महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री आंदोलनकारियों से संवाद करने से क्यों बच रहे हैं और शिक्षा मंत्री को अब तक जवाबदेह क्यों नहीं ठहराया गया है।
डिपके ने अपने पोस्ट में कहा कि जनता ऐसे प्रश्नों के उत्तर चाहती है जो सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करें। उनके अनुसार, मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने वाली बहसें केवल सत्ता में बैठे लोगों को जवाबदेही से बचाने का काम करती हैं।
हालांकि, सरकार की ओर से इस पोस्ट में उठाए गए सवालों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


