

उज्जैन। महाकवि कालिदास जयंती तथा राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली के तत्वावधान में मंगलवार, 15 जुलाई को देशभर में एक साथ नेशनल थिएटर फेस्टिवल–2026 का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों में एक साथ नाट्य प्रस्तुतियों का मंचन कर भारतीय सांस्कृतिक विरासत, रंगमंच और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया जाएगा।

इस राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव में मध्यप्रदेश की भी महत्वपूर्ण भागीदारी रहेगी। उज्जैन, भोपाल, इंदौर सहित प्रदेश के विभिन्न शहरों में रंगमंचीय प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। देशव्यापी आयोजन में 150 से अधिक नाट्य प्रस्तुतियां, 39 से अधिक भारतीय भाषाओं, 4,000 से अधिक कलाकारों तथा 150 से अधिक सांस्कृतिक संस्थाओं की सहभागिता रहेगी, जिससे यह देश के सबसे बड़े रंगमंचीय आयोजनों में से एक होगा।
उज्जैन में कालिदास संस्कृत अकादमी के अभिरंग नाट्यगृह में डॉ. भीमराव आंबेडकर साहित्यिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक समिति द्वारा देशभक्ति पर आधारित नाटक ‘वंदे मातरम्’ का मंचन किया जाएगा। इस प्रस्तुति में करीब 15 से 20 कलाकार अभिनय करेंगे और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन, राष्ट्रप्रेम तथा सांस्कृतिक मूल्यों को रंगमंच के माध्यम से जीवंत किया जाएगा।
नाटक का निर्देशन रंगकर्मी विशाल परिहार ने किया है। आयोजन समिति के अनुसार यह प्रस्तुति भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय चेतना और रंगमंचीय परंपरा को समर्पित होगी तथा दर्शकों को एक प्रेरणादायी और भावनात्मक सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करेगी।
कार्यक्रम के संयोजक पंकज आचार्य ने शहरवासियों, साहित्य प्रेमियों, रंगकर्मियों और कला-संस्कृति के प्रति रुचि रखने वाले नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव की गरिमा बढ़ाने की अपील की है।
राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित यह महोत्सव भारतीय रंगमंच की समृद्ध परंपरा, भाषाई विविधता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक माना जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि इस आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, साहित्य और रंगमंच से जोड़ने के साथ-साथ राष्ट्रभक्ति की भावना को भी सशक्त करना है।


