
मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 के तहत शुरू होगी प्रदेश की पहली वित्त-पोषित अंतर्राष्ट्रीय हवाई सेवा, व्यापार, पर्यटन और निवेश को मिलेगा नया आयाम

इंदौर। मध्यप्रदेश की विमानन यात्रा में बुधवार को एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 15 जुलाई को इंदौर से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी आबू धाबी के लिए प्रदेश की पहली वित्त-पोषित अंतर्राष्ट्रीय हवाई सेवा का शुभारंभ करेंगे। यह सेवा मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 के अंतर्गत प्रारंभ की जा रही है और इसे टाटा समूह की विमानन कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस संचालित करेगी।

नई अंतर्राष्ट्रीय उड़ान सप्ताह में चार दिन—सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार—संचालित होगी। इसके शुरू होने से मालवा-निमाड़ क्षेत्र के हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। अब तक इस मार्ग पर यात्रियों को दिल्ली अथवा मुंबई के माध्यम से यात्रा करनी पड़ती थी, जिसमें लगभग 7 से 8 घंटे का समय लगता था। नई सीधी उड़ान से यह दूरी केवल लगभग 3 घंटे 15 मिनट में पूरी की जा सकेगी।
राज्य सरकार का मानना है कि इस हवाई सेवा के प्रारंभ होने से अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, औद्योगिक निवेश, पर्यटन, शिक्षा तथा रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। साथ ही खाड़ी देशों में कार्यरत प्रवासी भारतीयों और प्रदेश के नागरिकों के बीच आवागमन भी अधिक सुगम होगा।
प्रदेश सरकार नागरिक विमानन नीति-2025 के माध्यम से लगातार हवाई संपर्क का विस्तार कर रही है। नीति के तहत अब तक आठ नए हवाई मार्ग स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से चार पर सेवाएं प्रारंभ हो चुकी हैं। इंदौर-आबू धाबी उड़ान इस नीति की सफलता तथा राज्य में एयरलाइंस कंपनियों के बढ़ते विश्वास का प्रतीक मानी जा रही है।
सरकार ने विमानन क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए नई नीति में घरेलू हवाई मार्गों के लिए 10 लाख रुपये तक तथा अंतर्राष्ट्रीय मार्गों के लिए 15 लाख रुपये तक वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) का प्रावधान किया है। इसके अलावा राज्य के हवाई अड्डों पर रात्रि पार्किंग करने वाले विमानों के लिए एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) पर वैट की प्रभावी दर मात्र एक प्रतिशत निर्धारित की गई है।
नीति के अंतर्गत मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (एमआरओ) परियोजनाओं तथा एयर कार्गो विकास को भी विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। साथ ही उड़ान प्रशिक्षण संस्थानों, सिमुलेटर स्थापना तथा कौशल विकास कार्यक्रमों के लिए पूंजीगत सब्सिडी और वित्तीय सहायता का भी प्रावधान किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इंदौर से आबू धाबी की सीधी उड़ान न केवल मध्यप्रदेश को वैश्विक हवाई नेटवर्क से जोड़ेगी, बल्कि प्रदेश की आर्थिक प्रगति, निवेश संभावनाओं और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों को भी नई गति प्रदान करेगी।


