
नई दिल्ली: OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने आईआईटी दिल्ली के छात्रों के साथ बातचीत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और भविष्य की दुनिया को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें साझा की हैं। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं के लिए बुज़ुर्गों की सलाह पर पूरी तरह भरोसा करना सबसे बड़ी गलती है।
“जो दुनिया आपको विरासत में मिलेगी, वह पूरी तरह अलग होगी। आपको खुद अनुमान लगाना होगा और उस पर भरोसा करना होगा। करियर से जुड़ी पारंपरिक सलाह शायद उतनी मददगार नहीं होंगी,” ऑल्टमैन ने छात्रों को स्पष्ट किया।
AI पूरी इकॉनमी को करेगा ऑटोमेट
सैम ऑल्टमैन ने वेंचर कैपिटलिस्ट विनोद खोसला के साथ बातचीत के दौरान चेताया कि AI केवल साइंटिफिक प्रोग्रेस को ही ऑटोमेट नहीं करेगा, बल्कि पूरी इकॉनमी के कामकाज को बदल देगा।
2047 का भारत: सुपरइंटेलिजेंट पीढ़ी
जब उनसे पूछा गया कि भारत 2047 में अपनी स्वतंत्रता के 100 साल पूरे होने पर कैसा दिखेगा, तो उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी सुपरइंटेलिजेंट होगी।
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शिक्षा का रूप पूरी तरह बदल जाएगा।
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हेल्थकेयर और रोजगार के तरीके पूरी तरह नया रूप लेंगे।
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पहली पीढ़ी जब ग्रैजुएट होगी, वह AI के क्षेत्र में नई तकनीकों को पार करने में सक्षम होगी।
“आने वाला जमाना पूरी तरह AI और टेक्नोलॉजी के इर्द-गिर्द घूमेगा,” ऑल्टमैन ने जोड़ा।
‘ऐसा कुछ बनाओ, जो लोग चाहें’
आईआईटी छात्रों के लिए ऑल्टमैन ने कहा कि उन्हें ऐसी कक्षाएं चाहिएं जो उन्हें वास्तविक दुनिया के लिए तैयार करें। उन्होंने सलाह दी:
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“20 साल में हर निवेशक का यही मोटो होगा: ऐसा बनाओ, जिसे लोग चाहें।”
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छात्रों को टूल्स और तकनीक में आगे रहना चाहिए।
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हमेशा यह देखें कि अगले कुछ महीनों में क्या बदलाव आने वाला है और अनुमान लगाते रहें।
सैम ऑल्टमैन का संदेश साफ है: युवा अपनी समझ पर भरोसा करें, नए टूल्स और AI के क्षेत्र में आगे बढ़ें, और पारंपरिक सलाह पर अंधविश्वास न करें।
