Saturday, February 21

‘जाति-जाति का शोर मचाते केवल कायर, क्रूर’; यूपी विधानसभा में सीएम योगी ने दिनकर की पंक्तियों से विपक्ष पर साधा निशाना

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र 2026 के अंतिम दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जातिवाद और जातीय राजनीति पर कड़ा प्रहार किया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियों का引用 करते हुए विपक्ष की जातीय राजनीति को निशाना बनाया।

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सीएम योगी का बयान

सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने कभी समाज को जाति के आधार पर बांटकर नहीं देखा। उन्होंने सर्वजन हिताय की नीति पर जोर देते हुए कहा कि शासन की सुविधाएं प्रदेश के हर व्यक्ति तक समान रूप से पहुँचनी चाहिए।

  • सीएम ने बताया कि भाजपा शासनकाल में सरकारी योजनाओं का लाभ हर नागरिक तक पहुंचाने का काम किया गया।

  • कानून की निगाह में सभी समान हैं और हर वर्ग को सरकारी सुविधाओं का अधिकार प्राप्त होना चाहिए।

दिनकर की पंक्तियों में विपक्ष पर तंज

योगी आदित्यनाथ ने दिनकर की पंक्तियों को विधानसभा में पढ़ते हुए कहा:

“मूल जानना बड़ा कठिन है नदियों का, वीरों का,
धनुष छोड़ कर और गोत्र क्या होता है रणधीरों का,
पाते हैं सम्मान तपोबल से भूतल पर शूर,
‘जाति-जाति’ का शोर मचाते केवल कायर क्रूर।”

इस उद्धरण के माध्यम से उन्होंने जातिवाद को कायरों और क्रूरों का हथियार बताया।

विपक्ष पर सीधे आरोप

सीएम ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे केवल जाति के आधार पर राजनीति करते हैं और समाज के पिछड़े वर्गों की सुध नहीं लेते। उन्होंने कहा:

  • इंसेफ्लाइटिस और अन्य बीमारियों से पीड़ित दलित बच्चों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।

  • गरीब ब्राह्मणों और अति पिछड़ी जातियों के बच्चों को स्कॉलरशिप जैसी सुविधाएं नहीं मिलीं।

राजनीतिक और चुनावी महत्व

विशेषज्ञों के अनुसार, यह बयान यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सीएम योगी द्वारा चुनावी राजनीति का टोन सेट करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

  • समाजशास्त्री प्रो. रणधीर कुमार सिंह का कहना है कि सीएम ने इस बयान से जातीय राजनीति और उसके दुरुपयोग को स्पष्ट रूप से उजागर किया।

  • राष्ट्रकवि दिनकर की कविता में कर्ण के माध्यम से जातिवाद पर किया गया प्रहार अब सीएम के बयान के साथ प्रतिध्वनित हो रहा है।

इस प्रकार, सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिनकर की पंक्तियों के माध्यम से न केवल साहित्यिक दृष्टि से बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी विपक्ष की जातीय राजनीति पर जोरदार प्रहार किया।

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