
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मुलाकात को लेकर सियासी हलचल तेज है। शिवसेना के दो फाड़ के बाद उद्धव ठाकरे आज तक शिंदे से नहीं मिले हैं, लेकिन बीएमसी चुनावों से पहले राज ठाकरे की शिंदे से मुलाकात ने राजनीतिक चर्चा को हवा दे दी थी। उद्धव ठाकरे की नाराजगी के बाद अब मनसे प्रमुख ने स्थिति साफ करते हुए अपने कदम की वजह स्पष्ट की है।
राज ठाकरे ने क्या कहा
गुरुवार को मुंबई में मीडिया से बातचीत में राज ठाकरे ने कहा कि हर मुलाकात को राजनीतिक नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी शिंदे से मुलाकात का कारण शहरों की बिगड़ती स्थिति थी।
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शहरों में ट्रैफिक जाम, पार्किंग की समस्या और अवैध विकास ने भयावह स्थिति पैदा कर दी है।
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राज ठाकरे ने कहा, “जहां पहले 25-40 लोग रहते थे, वहां अब 400 लोग रह रहे हैं, लेकिन जगह और सड़कें वही हैं। हम सड़कें और फ्लाईओवर बनाने को विकास मानते हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है।”
ठाणे स्थित शिंदे के आवास पर हुई इस मुलाकात में शहरों के विकास और अव्यवस्था पर चर्चा हुई।
उद्धव-राज के बीच सब ठीक, लेकिन राजनीतिक संभावना बरकरार
राज ठाकरे की सफाई के बावजूद राजनीतिक हलकों में सियासी अर्थ निकालने की संभावना नहीं टली है। चर्चा है कि राज ठाकरे चाहते थे कि बीएमसी में मनोनीत पार्षदों में मनसे को भी प्रतिनिधित्व मिले, लेकिन उद्धव ठाकरे ने शिवसेना यूबीटी के तीन नामांकित नगरसेवकों की सूची को अंतिम रूप दे दिया।
अब यह देखना बाकी है कि मनसे को संतुष्ट करने के लिए उद्धव की तरफ से पहल होगी या शिंदे की तरफ से, और इसके आधार पर तय होगा कि यह मुलाकात केवल प्रशासनिक थी या राजनीतिक।
सूत्रों के अनुसार: बीएमसी में कुल 10 पार्षद नियुक्त किए जाएंगे।
