
नई दिल्ली। भारत ने फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमानों के सौदे में ‘मेक इन इंडिया’ घटक बढ़ाने और हथियार पैकेज में मेटियोर, स्कैल्प और मीका मिसाइलों का स्वदेशी उत्पादन शामिल करने की मांग की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस पर जोर दिया।
राफेल सौदे में नया आयाम
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भारत फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीद रहा है।
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फ्रांसीसी समकक्ष के साथ बैठक में राफेल सौदे में ‘मेक इन इंडिया’ घटक को बढ़ाने और हथियारों का बड़ा हिस्सा भारत में निर्मित करने की मांग रखी।
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हथियार पैकेज में मेटियोर, स्कैल्प और मीका मिसाइलों सहित अन्य महत्वपूर्ण हथियार शामिल होंगे।
पहले से मंजूर सौदे
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भारत ने पहले ही अतिरिक्त स्कैल्प मिसाइलों के लिए ₹3,200 करोड़ का सौदा मंजूर किया है।
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इन मिसाइलों का उपयोग ऑपरेशन सिंदूर में किया गया था।
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अगले तीन दशकों में इन मिसाइलों की आवश्यकता को देखते हुए भारत चाहता है कि उनका उत्पादन देश में ही हो।
स्वदेशी हथियार जोड़ने की क्षमता
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राफेल विमानों में भारतीय हथियार जोड़ने की क्षमता होगी, हालांकि शुरुआती दौर में बड़ी संख्या में फ्रांस निर्मित मिसाइलें भी आयात की जाएंगी।
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इस महीने की शुरुआत में Safran और BEL के बीच HAMMER (Highly Agile Modular Munition Extended Range) स्मार्ट एयर-टू-ग्राउंड हथियार को भारत में बनाने का संयुक्त समझौता हुआ।
भारतीय उद्योग को मिलेगा फायदा
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भारतीय वायु सेना और नौसेना के राफेल बेड़े में शामिल अन्य मिसाइलों और हथियारों को भी इसी मॉडल के तहत बनाया जाएगा।
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इससे भारतीय कंपनियों को अत्याधुनिक निर्माण तकनीक हासिल होगी।
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यह सौदा भारत को जटिल हथियारों की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में शामिल करने और रक्षा औद्योगिक आधार को मजबूत करने का अवसर देगा।
