Saturday, February 21

‘तब देश की प्रतिष्ठा खतरे में नहीं थी?’ – AI समिट में विरोध को लेकर कांग्रेस-बीजेपी आमने-सामने

नई दिल्ली। ‘एआई इंपैक्ट समिट’ के दौरान भारत मंडपम में युवा कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को लेकर सियासी संग्राम छिड़ गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इसे देश की प्रतिष्ठा पर हमला करार दिया है, जबकि कांग्रेस ने पलटवार करते हुए 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान हुए प्रदर्शनों की याद दिलाई है।

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क्या है पूरा मामला?

भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कथित रूप से शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन किया। इस पर बीजेपी ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कांग्रेस नेता Rahul Gandhi पर निशाना साधा। बीजेपी का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह का प्रदर्शन देश की छवि को धूमिल करता है।

कांग्रेस का पलटवार

कांग्रेस सांसद Manish Tewari ने बीजेपी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराना हर नागरिक का अधिकार है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि जब 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान पूरी दुनिया की नजर भारत पर थी, तब बीजेपी ने देशभर में आंदोलन किए थे। तब क्या देश की प्रतिष्ठा खतरे में नहीं थी?

कांग्रेस नेता Supriya Shrinate ने भी बीजेपी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि युवा कांग्रेस ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाई है। यदि युवाओं के भविष्य और रोजगार को लेकर चिंता जताना देशविरोध है, तो यह लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों पर सवाल है।

‘युवाओं का भविष्य दांव पर’

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि हालिया अमेरिका-भारत डील और नीतिगत फैसलों के चलते युवाओं के अवसर प्रभावित हो सकते हैं। उनके मुताबिक, यह विरोध उसी चिंता को व्यक्त करने का माध्यम था।

बीजेपी का रुख

बीजेपी का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय आयोजन के दौरान इस प्रकार का प्रदर्शन भारत की साख को नुकसान पहुंचाता है और राजनीतिक लाभ के लिए देश की छवि दांव पर नहीं लगाई जानी चाहिए।

सियासत तेज, सवाल बरकरार

एआई समिट के मंच से शुरू हुआ यह विवाद अब राष्ट्रीय राजनीति का मुद्दा बन चुका है। एक ओर बीजेपी इसे देश की गरिमा से जोड़ रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस लोकतांत्रिक अधिकारों की दुहाई दे रही है।

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