
नई दिल्ली, 19 फरवरी 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में शामिल स्टूडेंट्स के लिए जरूरी एडवाइजरी जारी की है। बोर्ड ने कहा है कि सोशल मीडिया पर फैल रही ‘पेपर लीक’ जैसी फर्जी खबरों पर ध्यान न दें और स्थिति में संयम बनाए रखें।
परीक्षा की स्थिति
सीबीएसई 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू हो चुकी हैं।
10वीं की परीक्षाएं 11 मार्च 2026 तक
12वीं की परीक्षाएं 9 अप्रैल 2026 तक चलेंगी।
इस बार 43 लाख से अधिक स्टूडेंट्स बोर्ड परीक्षा में शामिल हैं।
कैसे फैलती हैं फर्जी खबरें?
बोर्ड की एडवाइजरी के अनुसार कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे यूट्यूब, व्हॉट्सएप, टेलीग्राम, इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स पर पुराने क्वेश्चन पेपर्स को एडिट करके या फर्जी पीडीएफ बनाकर उन्हें असली पेपर के रूप में पेश करते हैं। ये अफवाहें छात्रों के मन में डर, भ्रम और तनाव पैदा करती हैं और उनके प्रदर्शन पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं।
अफवाह फैलाने वालों के लिए चेतावनी
CBSE ने साफ किया है कि फर्जी सूचना फैलाने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट और अन्य कानूनी धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरोप साबित होने पर जुर्माना और जेल की सजा भी हो सकती है।
पेपर की सुरक्षा
बोर्ड ने बताया कि क्वेश्चन पेपर्स की सुरक्षा के लिए कई लेयर की निगरानी रखी जाती है। प्रिंटिंग से लेकर एग्जाम सेंटर्स तक की पूरी प्रक्रिया हाई-टेक सिक्योरिटी और CCTV निगरानी में होती है।
पेपर लीक की खबर मिलने पर क्या करें?
पैनिक न हों।
फर्जी खबरों को बिना जांचे आगे फॉरवर्ड न करें।
खबर की पुष्टि CBSE की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in या अन्य ऑथेंटिक सोर्स से करें।
जरूरत पड़ने पर अपने क्षेत्रीय CBSE कार्यालय या दिल्ली स्थित मुख्यालय से संपर्क करें।
CBSE ने छात्रों और अभिभावकों से अनुरोध किया है कि परीक्षा के दौरान केवल विश्वसनीय स्रोतों पर भरोसा करें और अफवाहों से प्रभावित न हों।
