
मुंबई, 19 फरवरी 2026: इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने ऐलान किया कि जिस तरह Jio ने भारत में मोबाइल डेटा को सस्ता और सुलभ बनाया, उसी तरह अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को भी आम भारतीयों तक किफायती दरों पर पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत को अब इंटरनेट युग के बाद ‘इंटेलिजेंस एरा’ से जोड़ने का समय है।
Jio AI करेगा भारतीय भाषाओं में काम
मुकेश अंबानी ने बताया कि Jio AI भारतीय भाषाओं में काम करेगा, ताकि किसान, युवा, छात्र और छोटे व्यवसायी अपनी मातृभाषा में AI सेवाओं का लाभ उठा सकें। इसी को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने एजुकेशन के लिए Jio शिक्षा AI, स्वास्थ्य के लिए Jio आरोग्य AI, कृषि के लिए Jio कृषि और आम उपयोग के लिए Jio भारत IQ जैसे प्लेटफॉर्म लॉन्च किए हैं। ये प्लेटफॉर्म स्थानीय भाषाओं में AI-आधारित सॉल्यूशंस प्रदान करेंगे।
AI-रेडी डेटा सेंटर पार्क
मुकेश अंबानी ने बताया कि कंपनी जामनगर में चरणबद्ध तरीके से मल्टी-गीगावॉट AI-रेडी डेटा सेंटर पार्क विकसित कर रही है। 2026 के अंत तक इसे 120 मेगावॉट क्षमता के साथ शुरू करने का लक्ष्य है, जिसे भविष्य में गीगावॉट स्तर तक बढ़ाया जाएगा। यह पूरा ढांचा ग्रीन एनर्जी पर आधारित होगा। जियो अपने नेटवर्क के माध्यम से देशभर में उच्च गति और कम लागत पर AI कंप्यूटिंग क्षमता उपलब्ध कराएगी, जिससे AI सेवाएं स्कूल, अस्पताल, खेत और दुकानों तक पहुँच सकें।
21वीं सदी में भारत बन सकता है AI पावर
मुकेश अंबानी ने भरोसा जताया कि भारत 21वीं सदी में अग्रणी AI पावर बन सकता है, यदि तकनीक सुलभ, किफायती और देश की जरूरतों के अनुरूप विकसित की जाए। उन्होंने कहा कि AI नौकरियां नहीं छीनेगा बल्कि हाई-स्किल वाले कामों में नए अवसर पैदा करेगा।
अपने भाषण की शुरुआत में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की भी सराहना की और कहा कि यह AI-बेस्ड विकास की पहल भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में तेजी लाएगी। साथ ही, यह मॉडल ग्लोबल साउथ के देशों के लिए भी प्रेरक साबित हो सकता है।
