Thursday, February 19

राफेल डील से पाकिस्तान में खलबली, भारतीय वायुसेना की बढ़ती ताकत से घबराए पाकिस्तानी एक्सपर्ट

इस्लामाबाद/नई दिल्ली। भारत द्वारा फ्रांस से अत्याधुनिक राफेल लड़ाकू विमानों की बड़ी खरीद को मंजूरी दिए जाने के बाद पाकिस्तान में बेचैनी साफ दिखाई देने लगी है। भारतीय रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने हाल ही में फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान और 6 P-8I निगरानी विमान खरीदने की मंजूरी दी है। इस फैसले ने पाकिस्तान के सैन्य विश्लेषकों और रक्षा विशेषज्ञों के बीच चिंता बढ़ा दी है।

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पाकिस्तान के चर्चित टिप्पणीकार और कथित रूप से ISI के करीबी माने जाने वाले कमर चीमा ने इस डील को पाकिस्तान के लिए “बड़ी चुनौती” बताते हुए कहा है कि भारत की यह रक्षा खरीद पाकिस्तान के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है।

कमर चीमा का दावा- डील की कीमत पाकिस्तान के आधे बजट के बराबर

कमर चीमा ने अपने बयान में कहा कि भारत फ्रांस से 28 अरब डॉलर में 114 राफेल विमान खरीदने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि यह डील भारतीय मुद्रा में करीब 3.25 ट्रिलियन रुपये की है।

उन्होंने आगे कहा कि यदि इसे पाकिस्तानी मुद्रा में देखा जाए तो यह राशि 6 से 7 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये तक पहुंचती है, जो पाकिस्तान के कुल बजट का लगभग आधा हिस्सा है।

चीमा ने कहा,
“भारत ने पाकिस्तान के आधे बजट के बराबर सिर्फ लड़ाकू जेट खरीद लिए हैं। इससे पता चलता है कि भारत कितनी बड़ी तैयारी कर रहा है।”

भारत-पाक तनाव के बाद तेज हुई डील: पाकिस्तानी एक्सपर्ट

कमर चीमा का दावा है कि राफेल डील पर लंबे समय से बातचीत चल रही थी, लेकिन पिछले साल मई में हुए चार दिन के भारत-पाक सैन्य संघर्ष के बाद भारत ने इस सौदे को तेज गति से आगे बढ़ाया।

उनके मुताबिक भारत अब अपनी वायुसेना की क्षमता को तेजी से मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है।

भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ेगी, पाकिस्तान के लिए बढ़ेगी चुनौती

कमर चीमा ने माना कि भारतीय वायुसेना लंबे समय से अधिक लड़ाकू विमानों की जरूरत पर जोर दे रही थी। ऐसे में 114 राफेल विमानों के शामिल होने से भारत की वायु शक्ति कई गुना बढ़ जाएगी।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस घटनाक्रम को नजरअंदाज नहीं कर सकता और पाकिस्तान के सैन्य अधिकारी इस पर गंभीर चर्चा कर रहे होंगे।

पाकिस्तान में J-10CE खरीद पर चर्चा तेज

राफेल डील के बाद पाकिस्तान में भी जवाबी तैयारी की बातें शुरू हो गई हैं। कमर चीमा के अनुसार पाकिस्तान की सेना 60 से 70 अतिरिक्त J-10CE लड़ाकू विमान खरीदने पर विचार कर रही है।

उन्होंने संकेत दिया कि भारत की बढ़ती वायु श्रेष्ठता को चुनौती देने के लिए पाकिस्तान को अपने रक्षा बजट और रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है।

मैक्रों-मोदी की नजदीकी से भी पाकिस्तान बेचैन

कमर चीमा ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के भारत दौरे और पीएम नरेंद्र मोदी के साथ बढ़ती दोस्ती को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं और यह पाकिस्तान के लिए रणनीतिक रूप से चिंता की बात है।

चीमा ने कहा,
“मैक्रों भारत आए हैं, मोदी उन्हें दोस्त कहते हैं। दोनों के बीच मजबूत बॉन्डिंग दिख रही है, जो भारत-फ्रांस संबंधों को और आगे ले जाएगी।”

निष्कर्ष: राफेल डील से पाकिस्तान में हड़कंप

भारत द्वारा 114 राफेल विमानों की संभावित खरीद को पाकिस्तान में एक बड़े रणनीतिक खतरे के रूप में देखा जा रहा है। पाकिस्तानी विशेषज्ञों का मानना है कि यह डील न केवल भारतीय वायुसेना को अत्याधुनिक बनाएगी, बल्कि क्षेत्र में शक्ति संतुलन को भी भारत के पक्ष में झुका सकती है।

राफेल सौदे के बाद पाकिस्तान के भीतर सैन्य और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और आने वाले समय में दोनों देशों के रक्षा समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

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