
भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन आवारा कुत्तों और नसबंदी के मुद्दे पर जोरदार बहस हुई। कांग्रेस ने नसबंदी में कथित भ्रष्टाचार और रेबीज इंजेक्शन की गुणवत्ता पर सवाल उठाए, तो भाजपा विधायक और केंद्रीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कुत्तों को ‘मानव मित्र’ बताते हुए उन्हें रोटी देने की वकालत की।
मुख्य घटनाक्रम:
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कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने विजयवर्गीय को ‘कुत्तों का प्रभारी’ बताकर तंज कसा।
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कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का पालन न होने और नकली इंजेक्शन के इस्तेमाल की आशंका जताई।
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विजयवर्गीय ने कहा कि कुत्ते हमारे साथी हैं और भूखे रहने पर आक्रामक हो सकते हैं, इसलिए उन्हें सही देखभाल की आवश्यकता है।
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उन्होंने नसबंदी सेंटर्स बढ़ाने और बाहरी विशेषज्ञ बुलाकर जनसंख्या नियंत्रण पर जोर देने की बात कही।
सामाजिक बहस:
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विधानसभा में कुत्तों की संख्या और डॉग बाइट के मामलों पर गंभीर चिंता जताई गई।
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कुछ भाजपा विधायकों ने मांस और अंडे की दुकानों पर ध्यान देने की आवश्यकता और कुत्तों की नस्ल खत्म करने की मांग उठाई।
निष्कर्ष:
MP विधानसभा में कुत्तों का मुद्दा सिर्फ पशु सुरक्षा नहीं बल्कि सामाजिक और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा बहस का विषय बन गया। विजयवर्गीय ने इस बहस में कुत्तों को मानव मित्र मानने और जिम्मेदार देखभाल की बात कही, जबकि विपक्ष ने सरकार की कार्रवाइयों पर सवाल उठाए।
