
विश्वभर की सॉफ़्टवेयर कंपनियों के लिए ‘AI खौफ’ पैदा करने वाली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) फर्म एंथ्रोपिक ने भारत के बेंगलुरु में अपना पहला ऑफिस खोला है। यह कंपनी का एशिया-पैसिफिक में दूसरा और भारत में पहला ऑफिस है।
कंपनी के AI असिस्टेंट Claude का भारत में इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। आंकड़ों के अनुसार, भारत Claude का उपयोग करने वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाजार है। एंथ्रोपिक ने भारत में उद्यम, शिक्षा और कृषि क्षेत्रों में भी साझेदारी की घोषणा की है।
भारत में AI का तेजी से विस्तार
कंपनी की इंडिया मैनेजिंग डायरेक्टर इरीना घोष का कहना है कि भारत दुनिया के सबसे अच्छे अवसरों में से एक है। यहां का तकनीकी टैलेंट, विशाल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी के सकारात्मक इस्तेमाल का ट्रैक रिकॉर्ड एंथ्रोपिक के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उनका कहना है कि यह सुनिश्चित करेगा कि AI से अधिकतम लोग और एंटरप्राइज लाभान्वित हों।
भारतीय भाषाओं में AI मॉडल को बेहतर बनाने की पहल
एंथ्रोपिक ने भारतीय उपयोगकर्ताओं के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए हिंदी, बांग्ला, मराठी, तेलुगु, तमिल, पंजाबी, गुजराती, कन्नड़, मलयालम और उर्दू सहित 10 भारतीय भाषाओं में अपने AI मॉडल Claude के लिए ट्रेनिंग डेटा को अपग्रेड करने की पहल की है।
तोक्यो के बाद बेंगलुरु में दूसरा ऑफिस
एंथ्रोपिक का पहला ऑफिस तोक्यो में है। भारत में बेंगलुरु ऑफिस खोलकर कंपनी यह संदेश देना चाहती है कि AI का चलन भारत में तेजी से बढ़ रहा है और यहाँ के लोग इस तकनीक का व्यापक उपयोग कर रहे हैं। यह कदम उन AI कंपनियों के लिए भी संकेत है कि भारत एक बड़ा और तेजी से बढ़ता हुआ मार्केट है।
