
ढाका: बांग्लादेश के अंतरिम शासन के चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस ने अपने 18 महीने के कार्यकाल के अंतिम भाषण में भारत विरोधी बयान देकर सुर्खियां बटोरी हैं। यूनुस ने कहा कि बांग्लादेश का खुला समुद्र भारत के नॉर्थ-ईस्ट क्षेत्र (सेवन सिस्टर्स) के लिए असर डाल सकता है। उनका यह बयान भारत और बांग्लादेश के संबंधों में तनाव बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
यूनुस का संदेश और आर्थिक अवसर
यूनुस ने अपने भाषण में कहा, “बांग्लादेश का खुला समुद्र सिर्फ बॉर्डर नहीं, बल्कि ग्लोबल इकॉनमी का गेटवे है। इसे सही तरीके से इस्तेमाल करके नॉर्थ-ईस्ट और नेपाल-भूटान जैसे पड़ोसी राज्यों के लिए आर्थिक खुशहाली लाई जा सकती है।” उन्होंने कहा कि बंदरगाहों की दक्षता बढ़ाने के लिए बांग्लादेश ने अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ समझौते किए हैं, जिससे देश की आर्थिक तरक्की संभव है।
पूर्वोत्तर को लेकर विवादित बयान
यूनुस ने भारत का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन पूर्वोत्तर के उल्लेख से यह स्पष्ट है कि वह इस क्षेत्र को भारत से अलग देखने की सोच रखते हैं। इससे पहले चीन दौरे पर भी उन्होंने सेवन सिस्टर्स का जिक्र किया था, जिससे भारत नाराज हुआ था।
तारिक रहमान का रुख
दूसरी ओर, मंगलवार को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले तारिक रहमान ने भारत के साथ दोस्ताना और सहयोगी संबंध बनाए रखने की बात कही है। उनके इस रुख के बीच यूनुस के जाते-जाते भारत विरोधी बयान दोनों देशों के रिश्तों में नई चुनौती पैदा कर सकते हैं।
निष्कर्ष:
यूनुस के इस बयान से बांग्लादेश और भारत के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ने की संभावना है, खासकर नॉर्थ-ईस्ट क्षेत्र में। वहीं, नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान की दोस्ताना नीति संभावित तनाव को कम करने का प्रयास कर सकती है।
