
इस्लामाबाद/ढाका: बांग्लादेश में हाल ही में हुए चुनाव में बीएनपी (Bangladesh Nationalist Party) ने शानदार जीत हासिल की है। मंगलवार, 17 फरवरी को बीएनपी नेता तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ समारोह के लिए बीएनपी ने भारत, पाकिस्तान और अन्य 13 देशों को न्योता भेजा है, लेकिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ समारोह में नहीं जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान का यह रुख बांग्लादेश में अपनी पसंदीदा पार्टी जमात-ए-इस्लामी की सरकार ना बनने के कारण है। राजनीतिक टिप्पणीकार कमर चीमा के अनुसार, पाकिस्तान जल्दबाजी में ढाका के साथ संबंध सुधारने का कोई कदम नहीं उठाएगा। वह पहले यह देखना चाहता है कि पाकिस्तान को ढाका से क्या हासिल हो सकता है।
पाकिस्तान की प्रतिनिधि टीम
शहबाज शरीफ समारोह में शामिल नहीं हो पाएंगे क्योंकि वह पहले से तय विदेश दौरे पर हैं। इसके बावजूद पाकिस्तान की तरफ से मंत्री अहसान इकबाल शपथ समारोह में उपस्थित रहेंगे।
भारत और अन्य देशों की भागीदारी
भारत की ओर से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला शपथ समारोह में जा रहे हैं। इसके अलावा बीएनपी ने चीन, सऊदी अरब, तुर्की, यूएई, कतर, मलेशिया, ब्रुनेई, श्रीलंका और नेपाल के नेताओं को भी न्योता भेजा है।
बीएनपी की चुनावी स्थिति
बांग्लादेश में संसद की 299 सीटों के लिए हुए चुनाव में बीएनपी को 209 सीटें मिली हैं। जमात-ए-इस्लामी 68 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी है। तारिक रहमान, पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया और पूर्व राष्ट्रपति जियाउर्रहमान के पुत्र हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान फिलहाल बीएनपी के प्रति संदेह का रवैया रख रहा है, जबकि इसके पुराने करीबी संबंध जमात-ए-इस्लामी के साथ हैं।
