
सतना/चित्रकूट, 17 फरवरी 2026: प्रसिद्ध कथावाचक और आध्यात्मिक गुरु संत ऋतेश्वर महाराज ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जमकर तारीफ की। महाराज ने संतों के बीच चल रहे वैचारिक मतभेदों और देश के सामाजिक कानूनों पर भी अपनी बेबाक राय रखी।
भयमुक्त यूपी की सराहना
चित्रकूट में प्रवास के दौरान ऋतेश्वर महाराज ने कहा कि योगी आदित्यनाथ एक संत-महंत और कुशल प्रशासक दोनों हैं। उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में भयमुक्त वातावरण बना है। महाराज ने बताया कि जब कोई सन्यासी सत्ता संभालता है, तो वह राजधर्म का पालन पूरी निष्ठा से करता है।
संतों के बीच मतभेद को बताया सकारात्मक
हाल के दिनों में संतों के बीच विभिन्न मुद्दों पर बयानबाजी और मतभिन्नता पर महाराज ने कहा, “वादे वादे जायते बोध:”, यानी वाद से ही ज्ञान और तत्व का बोध होता है। उन्होंने इसे विवाद के रूप में नहीं, बल्कि स्वस्थ संवाद और मंथन के रूप में देखा। उनका कहना था कि इस प्रक्रिया से सनातन धर्म के लिए सकारात्मक परिणाम निकलते हैं।
सामाजिक कानून और यूजीसी पर विचार
संत ने देश के बहुसंख्यक समाज की शांति और आपसी भाईचारे पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कोई ऐसा कानून नहीं बनना चाहिए जिससे समाज में विद्वेष उत्पन्न हो। नीति-निर्धारकों को समाज की भावनाओं और वास्तविकताओं के आधार पर पुनर्विचार करना चाहिए।
धारकुंडी आश्रम में श्रद्धांजलि
अल्प प्रवास के बाद ऋतेश्वर महाराज और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह सतना के धारकुंडी आश्रम पहुंचे। वहाँ उन्होंने ब्रह्मलीन परमहंस स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज की समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर संत महाराज ने यह संदेश दिया कि संतों के बीच संवाद और विचार विमर्श से समाज और धर्म को ही लाभ मिलता है।
