
टोक्यो: इंटरनेट के विकास में अहम योगदान देने वाले डेविड जे. फार्बर का 91 साल की उम्र में टोक्यो, जापान में निधन हो गया। उन्हें डिजिटल युग में ईमेल और नेटवर्किंग जैसी तकनीकों की भविष्यवाणी करने वाले ‘इंटरनेट का पितामह’ के रूप में याद किया जाएगा।
बेटे ने दी निधन की जानकारी
डेविड जे. फार्बर के बेटे इमानुएल फार्बर ने बताया कि उनके पिता का निधन हार्ट फेलियर के कारण हुआ। डेविड जे. फार्बर कंप्यूटर साइंस के प्रोफेसर थे और उन्होंने छात्रों को ऐसी शिक्षाएं दीं, जिनके कारण उनका नाम ग्लोबल इंटरनेट सिस्टम्स में शामिल हुआ। उन्होंने नेटवर्किंग और कंप्यूटिंग को जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
1950 के दशक में शुरू हुआ करियर
डेविड जे. फार्बर ने अपना करियर 1950 के दशक में बेल लैबोरेटरीज में शुरू किया। उनकी रिसर्च ने कंप्यूटिंग को नेटवर्क कम्युनिकेशन की दिशा में अग्रसर किया, जो आगे चलकर इंटरनेट की नींव बनी। न्यूयॉर्क टाइम्स ने उन्हें टेक्नोलॉजी का शुरुआती आर्किटेक्ट भी बताया।
इंटरनेट के विकास में योगदान
डेविड जे. फार्बर ने टीचिंग और लैब रिसर्च दोनों में छात्रों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने अपने छात्र जोनाथन पोस्टेल के साथ मिलकर कम्युनिकेशन के शुरुआती नियम विकसित किए, जिसने इंटरनेट के विकास को गति दी। उनके मार्गदर्शन में ही पॉल मॉकापेट्रिस ने डोमेन नेम सिस्टम (DNS) को डिजाइन करने में योगदान दिया।
ईमेल और डिजिटल टूल की भविष्यवाणी
1977 में फार्बर ने इंजीनियर पॉल बारन के साथ रिसर्च पेपर प्रकाशित किया, जिसमें कंप्यूटर की क्षमता और कम्युनिकेशन के लिए इसके संभावित उपयोग का विवरण था। इस पेपर में उन्होंने ईमेल और अन्य डिजिटल टूल्स की भविष्यवाणी की थी, जो समय के साथ सच साबित हुई।
डेविड जे. फार्बर ने कंप्यूटर को सिर्फ गणना करने वाली मशीन नहीं बल्कि इंसानों के साथ संचार करने वाला सिस्टम बताया। उनका योगदान आज के इंटरनेट युग की नींव माना जाता है।
