Wednesday, May 27

This slideshow requires JavaScript.

3 साल से युआन अटका, डॉलर ने अंतरराष्ट्रीय लेनदेन में बनाई रफ्तार

नई दिल्ली: अमेरिका और चीन दुनिया की दो बड़ी आर्थिक महाशक्तियां हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय लेनदेन में अमेरिकी डॉलर ने लगातार बढ़त बनाई है। पिछले साल डॉलर की वैल्यू में गिरावट के बावजूद, ग्लोबल ट्रांजैक्शंस में इसकी हिस्सेदारी अब 50.5% तक पहुंच गई है, जो 2023 के बाद सबसे अधिक है। इसका मतलब है कि दुनिया में हो रहे लगभग आधे लेनदेन डॉलर में होते हैं।

This slideshow requires JavaScript.

यूरो और अन्य करेंसी

  • यूरो: ग्लोबल लेनदेन में 21.9% हिस्सेदारी

  • ब्रिटिश पाउंड: 6.7%

  • कनाडाई डॉलर और जापानी येन: 3.4%

  • चीनी युआन: सिर्फ 2.7%

दिलचस्प बात यह है कि पिछले तीन सालों से चीनी युआन की स्थिति स्थिर रही है, जबकि चीन का ट्रेड सरप्लस 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक रहा। यानी वैश्विक स्तर पर देश अब भी युआन में लेनदेन के लिए तैयार नहीं हैं।

डॉलर वर्सेज गोल्ड

हालांकि, ग्लोबल फॉरेक्स रिजर्व में डॉलर की हिस्सेदारी गिरकर 40% रह गई है, जो पिछले 20 साल में सबसे कम है। वहीं, सोने की हिस्सेदारी 12% बढ़कर 28% तक पहुंच गई है, जो 1990 के दशक के बाद सबसे अधिक है।

यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद अमेरिका और पश्चिमी देशों ने विदेशों में जमा रूसी एसेट्स को फ्रीज कर दिया। इसके कारण कई देशों ने डॉलर पर अपनी निर्भरता कम कर दी और सोने का भंडार बढ़ाया। आज फॉरेक्स रिजर्व में सोने की हिस्सेदारी यूरो, येन और पाउंड की कुल हिस्सेदारी से भी अधिक है।

Leave a Reply