Wednesday, February 11

चीन में रोबोट्स का दंगल: लोहे के पहलवानों की पहली ह्यूमनॉइड कॉम्बैट लीग शुरू

चीन में आज से दुनिया की पहली ह्यूमनॉइड रोबोट कॉम्बैट लीग का आयोजन शुरू हो गया है। इस लीग में लोहे के फाइटर्स यानी T800 रोबोट्स एक-दूसरे से मुकाबला करेंगे। मुकाबले का आयोजन शेन्ज़ेन में किया जा रहा है।

This slideshow requires JavaScript.

इनाम और रोमांच:
इस रोबोट दंगल में जीतने वाली टीम को 1.44 मिलियन डॉलर (करीब 12 करोड़ रुपये) का इनाम मिलेगा। इसे गोल्ड चैंपियनशिप बेल्ट के रूप में दिया जाएगा। लीग का उद्देश्य न केवल मनोरंजन है बल्कि चीन में रोबोटिक्स और ह्यूमनॉइड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में प्रगति को बढ़ावा देना भी है।

मार्शल आर्ट्स में माहिर T800 रोबोट:
इस लीग का सबसे बड़ा आकर्षण T800 ह्यूमनॉइड रोबोट हैं, जिन्हें मार्शल आर्ट्स में माहिर बताया गया है। ये रोबोट साइड किक, हवा में 360-डिग्री रोटेशन जैसे जटिल मूव्स कर सकते हैं। इनकी बॉडी एविएशन-ग्रेड एल्युमिनियम से बनी है, जो हल्की और मजबूत है।

रोबोट में सॉलिड-स्टेट लिथियम बैटरी लगी है, जो 4 घंटे तक हाई-इंटेंसिटी परफॉर्मेंस देती है। इसके अलावा, 360-डिग्री LiDAR और स्टीरियो कैमरा इसे अपने आस-पास के माहौल को समझने में मदद करते हैं। 450 Nm टॉर्क वाली मोटर्स इसे तेज़ और ताकतवर बनाती हैं।

चीन का मकसद:
चीन इस मुकाबले के जरिए लोगों में रोबोट्स के प्रति जागरूकता बढ़ाना चाहता है। साथ ही, इससे रोबोट डेवलपमेंट और R&D में सुधार करने का अवसर भी मिलता है। लीग में हिस्सा लेने वाली टीम्स को मुफ्त रोबोट्स उपलब्ध कराए गए हैं ताकि उन्हें वास्तविक मुकाबले का अनुभव हो और रोबोट्स की कार्यक्षमता का मूल्यांकन किया जा सके।

आगे की तैयारी:
इस रोबोट मुकाबले से मोशन कंट्रोल, डायनेमिक बैलेंस और इम्पैक्ट रेजिस्टेंस जैसे पहलुओं की जांच होगी। इससे टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट 30% तक तेजी से हो सकेगा। साथ ही, आम लोगों में रोबोट्स को लेकर समझ और उत्साह बढ़ेगा।

निष्कर्ष:
यह मुकाबला केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि रोबोटिक्स और ह्यूमनॉइड टेक्नोलॉजी में इंसानों और मशीनों के तालमेल को बेहतर बनाने का एक सोचा-समझा प्रयास है।

Leave a Reply