
ढाका। टी20 वर्ल्ड कप 2026 से हटने को लेकर पहले ही विवादों में घिरी बांग्लादेश सरकार अब अपने ही बयान से पलटती नजर आ रही है। पाकिस्तान के बाद अब बांग्लादेश ने भी बड़ा यू-टर्न लेते हुए पूरे मामले की जिम्मेदारी सरकार के बजाय खिलाड़ियों और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) पर डाल दी है। इस ताजा बयान के बाद बांग्लादेशी क्रिकेट जगत में राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है।
दरअसल, बांग्लादेश सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नजरूल ने मंगलवार (10 फरवरी) को मीडिया के सामने दावा किया कि टी20 वर्ल्ड कप से हटने का फैसला सरकार का नहीं, बल्कि क्रिकेटरों और बोर्ड का संयुक्त निर्णय था। उनके इस बयान ने देश में नई बहस छेड़ दी है और सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आसिफ नजरूल के बयान से मचा बवाल
आसिफ नजरूल का यह बयान इसलिए भी हैरान करने वाला है क्योंकि इससे पहले 22 जनवरी को उन्होंने खुद सार्वजनिक रूप से कहा था कि वर्ल्ड कप का बहिष्कार सरकार का फैसला है। उस वक्त उन्होंने बताया था कि आईसीसी से न्याय नहीं मिलने के कारण बांग्लादेश ने टूर्नामेंट से हटने का कदम उठाया।
उनके उस बयान के बाद यह स्पष्ट संदेश गया था कि खिलाड़ियों को केवल निर्णय की जानकारी दी गई थी, उनसे कोई सलाह नहीं ली गई थी। लेकिन अब अचानक आसिफ नजरूल ने अपने पुराने बयान से पलटते हुए यह कह दिया कि यह फैसला खिलाड़ियों और बोर्ड ने लिया और सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं थी।
सरकार ने खिलाड़ियों को बना दिया ‘विलेन’
ताजा बयान में आसिफ नजरूल ने यह भी कहा कि खिलाड़ियों और बोर्ड ने राष्ट्रीय गरिमा और देश के क्रिकेट भविष्य की सुरक्षा के लिए यह “बलिदान” दिया। हालांकि, क्रिकेट जानकारों और विपक्षी दलों का मानना है कि सरकार अब अपनी छवि बचाने के लिए पूरा ठीकरा खिलाड़ियों पर फोड़ रही है।
इससे बांग्लादेशी क्रिकेटरों की स्थिति भी मुश्किल हो गई है, क्योंकि जनता के बीच अब यह संदेश जा रहा है कि वर्ल्ड कप छोड़ने के लिए खिलाड़ी ही जिम्मेदार हैं।
आईसीसी से राहत मिलते ही बदला रुख?
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, बांग्लादेश सरकार के रुख में यह बदलाव इसलिए आया है क्योंकि आईसीसी ने अब तक बांग्लादेश पर कोई कठोर प्रतिबंध नहीं लगाया है। साथ ही भविष्य में मेजबानी को लेकर भी आश्वासन मिलने की चर्चा है। ऐसे में सरकार अब पीछे हटती दिखाई दे रही है और मामले को क्रिकेट बोर्ड व खिलाड़ियों के सिर मढ़कर खुद को विवाद से दूर करने की कोशिश कर रही है।
वर्ल्ड कप बहिष्कार का मुद्दा बना राजनीतिक तूफान
टी20 वर्ल्ड कप 2026 जैसे बड़े टूर्नामेंट से हटना बांग्लादेश क्रिकेट के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। अब जब सरकार के शीर्ष सलाहकार का बयान बदल गया है, तो यह मामला सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि—
क्या वाकई खिलाड़ियों ने वर्ल्ड कप छोड़ने का फैसला किया?
या सरकार अब अपनी गलती छिपाने के लिए खिलाड़ियों को आगे कर रही है?
निष्कर्ष
बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नजरूल का यह यू-टर्न साफ संकेत देता है कि वर्ल्ड कप बहिष्कार के फैसले पर सरकार भीतर ही भीतर दबाव में है। एक तरफ सरकार खुद को बचाने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ खिलाड़ियों और क्रिकेट बोर्ड को कटघरे में खड़ा कर दिया गया है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की पूरी संभावना है
