
कानपुर में रविवार रात एक बड़ा सड़क हादसा हुआ, जिसमें लैंबॉर्गिनी कार ने तीन लोगों को टक्कर मारकर घायल कर दिया। घटना रेव 3 मॉल के पास VIP रोड पर हुई। शुरुआती रिपोर्ट में अज्ञात ड्राइवर के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी, लेकिन बाद में पुलिस ने कथित तौर पर कार चला रहे तंबाकू कारोबारी के बेटे शिवम मिश्रा का नाम जोड़ दिया।
पुलिस और बचाव पक्ष की सफाई
कानपुर के पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि FIR में आरोपी का नाम इसलिए नहीं था क्योंकि उस समय यह स्पष्ट नहीं था कि कार किसने चलाई। वहीं, बचाव पक्ष का कहना है कि कार वास्तव में शिवम नहीं चला रहे थे, बल्कि उनके ड्राइवर के हाथ में थी।
हादसे का विवरण
बताया जा रहा है कि शिवम मिश्रा VIP रोड पर अपनी लैंबॉर्गिनी में घूम रहे थे, पीछे उनकी सुरक्षा के लिए बाउंसर की गाड़ी थी। रेव 3 मॉल के पास कार अचानक बेकाबू हो गई और पहले एक ई-रिक्शा को टक्कर मारी। इसके बाद बाइक और एक राहगीर को भी टक्कर लगी। अंत में कार खंभे से टकराकर रुकी।
लग्जरी का शौक—प्राइवेट जेट भी खरीदी
जानकारों के अनुसार, शिवम मिश्रा को महंगी और स्पोर्ट्स कारों का काफी शौक है। घटना वाली लैंबॉर्गिनी 324 किमी/घंटा तक की गति लेने में सक्षम है। बताया जाता है कि 2024 में आयकर विभाग के छापे के बाद शिवम ने कथित तौर पर प्राइवेट जेट भी खरीदी थी।
पिता बंशीधर टोबैको ग्रुप के मालिक
शिवम के पिता केके मिश्रा प्रतिष्ठित बंशीधर टोबैको ग्रुप के मालिक हैं। यह कंपनी पान मसाला और तंबाकू के कच्चे माल को देश की कई बड़ी कंपनियों तक सप्लाई करती है। इसका नेटवर्क यूपी, दिल्ली, मुंबई और गुजरात समेत कई राज्यों में फैला हुआ है।
कंपनी में डायरेक्टर और महंगी लाइफस्टाइल
शिवम मिश्रा इस कंपनी में डायरेक्टर के पद पर हैं और दैनिक संचालन की जिम्मेदारी उनके हाथ में है। वह कानपुर और दिल्ली के वसंत विहार में रहते हैं। उनकी लग्जरी लाइफस्टाइल के चलते उनके पास रोल्स रॉयस, लैंबॉर्गिनी, फेरारी, मैकलेर और पोर्श जैसी महंगी कारें हैं। इसके साथ ही उनके पास डायमंड और करोड़ों की कीमत वाली घड़ियों का संग्रह भी है।
