
नई दिल्ली/हैदराबाद: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150वें वर्ष के कार्यक्रमों के बीच भारतीय संविधान को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देश की आधारशिला ‘भारत माता’ से नहीं, बल्कि हम भारत के लोग से शुरू होती है।
ओवैसी ने तेलंगाना के सदाशिवपेट में जनसभा में कहा, “जब वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर चर्चा हुई, मैंने संसद में खड़े होकर कहा कि 24 जनवरी 1950 को हमने अपना संविधान अपनाया और यह संविधान अंग्रेजी के शब्द ‘We the People’ से शुरू होता है, भारत माता से नहीं।”
धर्म और देशप्रेम को जोड़ने पर आपत्ति
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अगर किसी राजनीतिक विचारधारा द्वारा धर्म को देशप्रेम से जोड़ने की कोशिश की जाती है, तो यह उनके लिए स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सवाल किया, “यदि धर्म और देश को एकसाथ जोड़ते हैं तो बहादुर शाह जफर को क्या जवाब देंगे, जिन्होंने अपनी जान की कुर्बानी दी और जिनके अवशेष रंगून में हैं?”
ओवैसी ने आगे कहा, “हम सिर्फ अल्लाह की इबादत करते हैं। मेरे लिए देश संविधान से चलेगा, न कि किसी धार्मिक प्रतीक या उपासना से। संविधान की प्रस्तावना आजादी, समानता, न्याय और भाईचारे की बात करती है। यदि वतन की मोहब्बत को धर्म से जोड़ दिया गया, तो यह हमारे लिए काबिल-ए-कबूल नहीं है।”
देश में 150 साल मना रहा वंदे मातरम्
देशभर में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर विभिन्न सामूहिक गायन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और मिलिट्री बैंड प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। इसका मकसद राष्ट्र गौरव और एकता को बढ़ावा देना है।
